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अनुशासन और मुस्तैदी से ही बनती है पुलिस की असली पहचान: डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, आरएसी अलंकरण समारोह में 315 उत्कृष्ट जवानों का सम्मान, प्रोफेशनल दक्षता और तैयारी पर दिया विशेष जोर

अनुशासन और मुस्तैदी से ही बनती है पुलिस की असली पहचान: डीजीपी राजीव कुमार शर्मा,
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प्रकाश चंद्र शर्मा
जयपुर  

पाँचवीं बटालियन आरएसी परिसर में शुक्रवार को आयोजित भव्य अलंकरण समारोह में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने आरएसी के जवानों और अधिकारियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया और बल की कार्यक्षमता बढ़ाने हेतु अनुशासन और तैयारी के महत्व पर विशेष बल दिया।
डीजीपी शर्मा ने अपने उद्बोधन में जवानों को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि पुलिस की पहचान उसके टर्नआउट और चुस्ती-फुर्ती से होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी चाहे किसी निवास की सुरक्षा की हो, जेल की हो या कानून-व्यवस्था की, जवानों की तैयारी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जवानों को सीख दी कि वर्दी पहनने के ढंग से लेकर मौके पर पहुँचते ही चुस्ती के साथ कतारबद्ध होने की प्रक्रिया तक,आपकी हर हरकत में पेशेवर दक्षता नजर आनी चाहिए।
शर्मा ने कहा कि लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी के दौरान उपकरणों के सही इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपने अपनी जैकेट किस तरह पहनी है, ढाल और लाठी को पकड़ने का तरीका क्या है और आपके पास मौजूद इक्विपमेंट्स की स्थिति कैसी है, यह आपकी तैयारी का पैमाना है। महानिदेशक ने आह्वान किया कि जहाँ भी सीखने में थोड़ी भी कमी रह गई है, उसे निरंतर अभ्यास और समर्पण से पूरा करें ताकि राजस्थान पुलिस हर मोर्चे पर अच्छे से अच्छा प्रदर्शन कर सके।
उत्कृष्ट कार्य का सम्मान: उत्साहवर्धन की परंपरा-
समारोह के दौरान डीजीपी ने आरएसी के उन अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जिन्होंने गत वर्षों में अपनी ड्यूटी के दौरान असाधारण प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा दिया जाने वाला यह पहचान केवल पदक या प्रशस्ति पत्र नहीं है, बल्कि यह जवान की मेहनत का सम्मान है।
315 को मिला पदकरूपी सम्मान:
समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। डीजीपी शर्मा द्वारा कुल 49 कार्मिकों को डीजीपी डिस्क और प्रशस्ति पत्र प्रदान किये गए। इसके साथ ही, सराहनीय सेवाओं के लिए 149 कार्मिकों को अति उत्कृष्ट सेवा पदक और 117 कार्मिकों को उत्कृष्ट सेवा पदक से अलंकृत किया गया। डीजीपी ने कहा कि यह सम्मान आपकी मेहनत और विभाग के प्रति आपकी ईमानदारी का प्रतीक है।
 विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और सराहना:
समारोह में डीजी लॉ एंड ऑर्डर संजय अग्रवाल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पुलिस बल के अटूट अनुशासन, समर्पण और उनके द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों की भूरी-भूरी सराहना की गई। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि आरएसी के जवान कठिन परिस्थितियों में भी जिस धैर्य और निष्ठा के साथ कार्य करते हैं, वह पूरे पुलिस महकमे के लिए प्रेरणादायी है।
​उत्कृष्ट सेवा का सम्मान और आभार प्रदर्शन:
समारोह के अंत में एडीजी रुपिंदर सिंघ ने सभी सम्मानित होने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों, आमंत्रित अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस प्रकार के सम्मान समारोहों से बल में नई ऊर्जा का संचार होता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य अतिथि शामिल हुए, जिन्होंने सम्मानित पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन किया।
“दिखने में यह समारोह छोटा हो सकता है, पर हमारे लिए यह एक बहुत बड़ा आयोजन है। जवानों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य की पहचान करना संगठन के लिए आवश्यक है, ताकि भविष्य में और बेहतर कार्य करने हेतु उनका उत्साहवर्धन हो सके।”

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