ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर अमेरिका और इजरायल के हमले का खतरा टला नहीं है। मोजतबा खामेनेई, अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल नहीं होंगे। सुरक्षा वजहों से वह पिता के जनाजे को मिट्टी तक नहीं दे सकेंगे। भारत में ईरान के प्रतिनिधि हकीम इलाकी ने कहा हैकि इजरायल की धमकियों और निगरानी के खतरे को देखते हुए कोई भी सार्वजनिक कार्यक्रम खतरनाक हो सकता है।
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची को भी यही डर सता रहा है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने धमकी दी थी कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई, इजरायली डिफेंस फोर्स के निशाने पर हैं, उन्हें मारा जा सकता है। अब्बास अराघची ने इसे लेकर अमेरिका और इजरायल दोनों को चेतावनी भी दी है। अब्बास अराघची ने कहा है कि इस्लामाबाद में हुए समझौते के बाद अमेरिका ने इसे नियंत्रित रखने की जिम्मेदारी ली है।
यह भी पढ़ें: ‘खामेनेई के जनाजे में जिहादियों पर बम मारो…’, ट्रंप की दोस्त लॉरा लूमर की अपील
क्यों पिता की कब्र को मिट्टी नहीं सकेंगे मोजतबा खामेनेई?
मोजतबा खामेनेई, इजरायल और अमेरिका दोनों के निशाने पर हैं। इजरायली डिफेंस फोर्स और रक्षा मंत्री काट्ज ने पहले ही कह दिया है कि मोजतबा खामेनेई भी मारे जा सकते हैं। अमेरिकी धुर दक्षिणपंथी नेता लॉरा लूमर ने भी इशारा किया है कि यह ईरान को बड़ा झटका देने का सही मौका है। ऐसे में मोजतबा खामेनेई का जनाजे में शामिल होना खतरे से खाली नहीं है।
अली खामेनेई को किसने मारा?
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया। ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और उनकी बहू जहरा हद्दाद आदेल की मौके पर ही मौत हो गई थी। मोजतबा खामेनेई भी चोटिल हुए थे, वह अपनी पत्नी के भी जनाजे में शामिल नहीं हो पाए थे।
ईरान में कैसे सुपुर्द-ए-खाक होंगे अली खामेनेई?
ईरान 4 जुलाई से 9 जुलाई तक अपने पूर्व नेता के लिए ईरान और इराक में अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में है। इस जनाजे में लाखों की भीड़ शामिल होने वाली है। 5 दिनों तक, उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां चलेंगी।
यह भी पढ़ें: ईरान जाएंगे मल्लिकार्जुन खड़गे और नितिन नवीन? खामेनेई के जनाजे का मिला निमंत्रण
क्यों नजर नहीं आ रहे मोजतबा खामेनेई?
नए लीडर मोजतबा खामेनेई, सुरक्षा वजहों से सार्वजनिक स्थलों पर नहीं दिख रहे हैं। इजरायल की ओर से उन्हें लगातार धमकियां मल रही हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर फिर नेतृत्व पर हमला हुआ तो तत्काल और मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
पश्चिम एशिया का मौजूदा हाल क्या है?
कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच 14-सूत्रीय समझौता को लागू करने की बातचीत चल रही है। पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ की भूमिका हैं। डोनाल्ड ट्रंप का रुख ऐसा है कि यह समझौता कभी भी टूट सकता है। यह वही समझौता है, जिसकी मदद से मध्य पूर्व में लड़ाई रुकी थी। अमेरिका ने इजरायल को नियंत्रित करने की नसीहत दी थी। ईरान ने कहा है कि अगर इजरायल इस समझौते की अनदेखी करेगा तो ईरान उसे सबक सिखाएगा। पश्चिम एशिया में अभी अस्थिरता बनी हुई है।












