सिद्धार्थनगर के जोगिया क्षेत्र के परसा गांव में गुरुवार को गेहूं के डंठलों में लगी आग से एक किसान की सब्जी की खेती, झोपड़ी और खेत के किनारे लगी बाड़ जलकर नष्ट हो गई। इस घटना से किसान को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार, आग इतनी भीषण थी कि जब तक किसान पानी चलाकर उसे बुझाने का प्रयास करता, तब तक लता वाली सब्जियों सहित अन्य फसलें, रखवाली के लिए बनाई गई झोपड़ी और बाड़ पूरी तरह जलकर राख हो गए। यह घटना खेतों में डंठल जलाने की समस्या को उजागर करती है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, डंठलों में आग लगने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो जाती है। नाइट्रोजन और सूक्ष्म पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे फसलों की पैदावार घट जाती है। हालांकि, इस संबंध में तमाम जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन किसान खेतों में डंठल जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। उनका मानना है कि डंठल खेत में पड़े रहने से जुताई में परेशानी होती है। जबकि, डंठलों को जुताई कर मिट्टी में दबा देने से वे सड़कर मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ा सकते हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली जोगिया, अभय सिंह ने बताया कि खेतों में लगी आग की लगातार निगरानी की जा रही है। जहां भी आग लगने की सूचना मिलती है, वहां आग बुझाने के साथ-साथ संबंधित व्यक्ति पर नियमानुसार कार्यवाही भी की जाती है। इस मौके पर प्रमोद गुप्ता, हरिवंश, अनिल सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर में डंठलों की आग से सब्जी की खेती जली:परसा गांव में किसान की झोपड़ी और बाड़ भी नष्ट, बड़ा नुकसान
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