श्रावस्ती जिले को दिसंबर 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के अभियान के तहत मंगलवार को आकांक्षी विकासखंड जमुनहा में विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। शाम 5 बजे के बाद अभियान की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि हरबंशपुर समेत प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई। इस दौरान 14 वर्ष से कम उम्र के छह बच्चे काम करते मिले। अभियान का नेतृत्व खंड विकास अधिकारी बीके गुप्ता और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई के प्रभारी लाल साहब सिंह ने किया। काम करते मिले बच्चों के मामलों में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई। दुकानों पर लगाए जागरूकता स्टिकर जांच टीम ने दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम कराने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। इसके साथ ही दुकानों और प्रतिष्ठानों पर ‘बाल श्रम कराना दंडनीय अपराध है’ लिखे जागरूकता स्टिकर भी लगाए गए। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील अधिकारियों ने व्यापारियों और आमजन से अपील की कि बच्चों को किसी भी तरह के काम में न लगाया जाए। बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने में सभी लोग सहयोग करें। अधिकारियों ने बाल श्रम के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया। कई विभाग और संस्थाएं अभियान में शामिल विशेष प्रवर्तन अभियान में एएचटी पुलिस इकाई, महिला कल्याण विभाग, एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन, देहात इंडिया, विज्ञान फाउंडेशन, ग्रामीण बौद्ध कल्याण सेवा संस्थान और मां सरस्वती बालिका शिक्षा समिति समेत कई विभागों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
श्रावस्ती को दिसंबर तक बाल श्रम मुक्त बनाने की तैयारी:जमुनहा में 6 बच्चे काम करते मिले, दुकानों पर लगाए जागरूकता स्टिकर
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