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बैंक मैनेजर-वेंडर की मिलीभगत का आरोप, बिना इंस्टॉलेशन जारी की किस्त

  • पीएम सूर्य घर योजना में उपभोक्ता ने उठाए सवाल , न सोलर लगा, न पैसा लौटा , फिर किस्त क्यों ?

लखनऊ। सरोजनीनगर क्षेत्र में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना/सोलर रूफटॉप योजना के नाम पर उपभोक्ता से कथित तौर पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है यह प्रकरण सरोजनी नगर थाना क्षेत्र के लोनहा पिपरसंड का है जहाँ के निवासी पंकज कुमार ने लीला सोलर सॉल्यूशन बिजनौर रोड, गौरी, सरोजनीनगर के डायरेक्टर सतीश कनौजिया पर 3 किलोवाट के नाम पर अधूरी किट सप्लाई करने और पिछले तीन महीने से इंस्टॉलेशन न करने का गंभीर आरोप लगाया है। 

पीड़ित ने इस संबंध में भारतीय स्टेट बैंक की शाखा सैनिक स्कूल सरोजनीनगर में लिखित शिकायत देकर जांच और न्याय की गुहार लगाई है। उपभोक्ता का दूसरे बैंक अकाउंट था , लेकिन वेंडर व बैंक मैनेजर की डील के अनुसार नाया अकाउंट होल्डर एसबीआई में खोला जाएगा । उपभोक्ता ने इसकी जानकारी ली तो बताया गया, इस बैंक से लोन जल्दी होगा और सोलर पैनल की प्रक्रिया जल्दी शुरू हो पाएगी। 

3 किलोवाट का वादा, थमाए 2950 वाट के 5 पैनल
पीड़ित पंकज कुमार के अनुसार, उन्हें 3 किलोवाट का टाटा सोलर सिस्टम लगाने का भरोसा देकर बैंक से लोन की प्रक्रिया पूरी कराई गई थी करीब तीन माह पहले वेंडर ने उनके घर पर महज 2950 वाट क्षमता के 5 सोलर पैनल भेज दिए इसके बाद से आज तक न तो पूरा सामान दिया गया और न ही सिस्टम इंस्टॉल किया गया। सामान घर के एक कोने में धूल फांक रहा है, लेकिन बैंक ऋण की दूसरी किस्त उपभोक्ता के लोन खाते से काट ली गई है । बिना सोलर लगे ही तीसरी किस्त का समय प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 

लीला सोलर सॉल्यूशन वेंडर और बैंक मैनेजर की मिलीभगत से चल रहा खेल 
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना/सोलर रूफटॉप योजना के तहत उपभोक्ता के घर स्ट्रक्चर पैनल लगने के बाद दूसरी किस्त भेजी जाती है, लेकिन बैंक मैनेजर ने बिना स्ट्रक्चर लगा न ही पैनल लगाया हुआ फोटो देख न ही कोई दस्तावेज , लेकिन वहीं उपभोक्ता से लोन खाते से बैंक मैनेजर ने वेंडर को दूसरी भी किस्त बड़ी आसानी भेज दी गई।

वहीं जब उपभोक्ता ने बैंक में लिखित शिकायत की तो बैंक मैनेजर ने वेंडर से मैटर सलटाने की बात की, वहीं मैनेजर ने उपभोक्ता से कहा दूसरी किस्त रीफंड करा ली गई गई। वहीं जब उपभोक्ता ने लोन खाता बुक योनो पर चेक किया था रिफंड वापस नहीं किया गया था , वेंडर के खाते पर 2 लाख रुपए भेज दिये गए है। 

बिल और एस्टीमेट मांगने पर टालमटोल व धमकी 
उपभोक्ता का आरोप है कि उसने कई बार वेंडर से सोलर किट का एस्टीमेट, जीएसटी बिल और सामान की पूरी सूची मांगी, लेकिन वेंडर ने कोई स्पष्ट दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए साथी उल्टा मुकदमे में फंसा देने की धमकी व सब्सिडी में नुकसान उठाने की बात कही जब पंकज कुमार ने टाटा सोलर के कस्टमर केयर और संबंधित विभाग से संपर्क किया, तब उन्हें अहसास हुआ कि उनके साथ वादा खिलाफी हुई है।
 
इसके बाद जब उन्होंने वेंडर से 3 किलोवाट की पूरी किट देने या पैसे वापस करने को कहा, तो वेंडर ने साफ इनकार करते हुए अभद्र रवैया अपनाया और कहा— “न पैसा वापस होगा, न सामान मिलेगा, जो करना हो कर लो।

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