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युवाओं को सिर्फ करियर और नौकरी तक सीमित न रखते हुए उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से भाजपा नेता चंद्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ का 25 दिवसीय ‘युवा संवाद’ अभियान संपन्न हो गया। अभियान के दौरान 60 शिक्षण संस्थानों में करीब 50 हजार छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया गया। अंतिम दिन भी विक्रमजोत और छावनी क्षेत्र के कई शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों से संवाद हुआ। इस दौरान शिक्षा, संस्कार, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक एकता और राष्ट्रीय कर्तव्यों को लेकर युवाओं को जागरूक किया गया। 25 दिन में 50 हजार युवाओं तक पहुंचा अभियान अभियान के 25 दिनों में स्कूल, इंटर कॉलेज समेत 60 शिक्षण संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। चंद्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उनके व्यक्तिगत विकास के साथ सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और सही दिशा मिलने पर यही शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। अंतिम दिन चार संस्थानों में हुआ संवाद अभियान के अंतिम दिन विक्रम पब्लिक स्कूल विक्रमजोत, बालगोविंद गंगा प्रसाद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विक्रमजोत, बाल्मीकि इंटर कॉलेज विक्रमजोत और लतीफिया इंटर कॉलेज छावनी में कार्यक्रम आयोजित हुए। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, राष्ट्रप्रेम, एकता और अखंडता का महत्व बताया गया। युवाओं से अपने आचरण और प्रतिभा के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया गया। ‘शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने का जरिया नहीं’ चंद्रमणि पाण्डेय ‘सुदामा’ ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी हासिल करना नहीं है। शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के निर्माण का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के साथ अनुशासन, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी को भी जीवन का हिस्सा बनाएं। उनका कहना था कि शिक्षित और संस्कारित युवा ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र की नींव रख सकते हैं। माता-पिता और गुरुजनों के सपने पूरे करने की अपील संवाद के दौरान सुदामा ने युवाओं से अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और गुरुजनों के सपनों को पूरा करने के साथ देश के विकास में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से भारत को दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल कराने के लिए अपनी क्षमता का उपयोग करने की अपील की। केंद्र और प्रदेश सरकार के काम गिनाए कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए बदलावों की जानकारी दी गई। शिक्षा, तकनीक, डिजिटल व्यवस्था, आधारभूत ढांचे, रक्षा, चिकित्सा, उद्योग और आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में हुए कार्यों का उल्लेख किया गया। वहीं उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सड़क, एक्सप्रेस-वे, निवेश, रोजगार, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं में हुए बदलावों की भी चर्चा की गई। युवाओं से योजनाओं का लाभ लेने का आह्वान सुदामा ने कहा कि सरकार की योजनाओं और उपलब्ध अवसरों की जानकारी युवाओं के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं। 25 दिनों तक चले इस अभियान का संदेश यही रहा कि युवा केवल अपने भविष्य की चिंता न करें, बल्कि देश के भविष्य को बेहतर बनाने में भी अपनी भूमिका तय करें। अभियान के जरिए युवाओं को शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया।
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25 दिन में 60 शिक्षण संस्थानों तक पहुंचा ‘युवा संवाद’:50 हजार छात्रों से सीधा संवाद, सुदामा बोले- शिक्षा नौकरी नहीं, राष्ट्र निर्माण का आधार
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