लखनऊ। आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ विभागीय कार्यों, योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इस दौरान अस्पतालों की स्थिति, निमार्णाधीन एवं पूर्ण हो चुके भवनों, औषधियों की उपलब्धता तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर चर्चा किया।
आयुष मंत्री ने कहा कि जिन अस्पतालों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कराकर उनका लोकार्पण कराया जाए ताकि आमजन को लाभ मिल सके। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद अस्पतालों को अनावश्यक रूप से बंद रखना उचित नहीं है।
उन्होंने सभी अस्पताल भवनों की साफ-सफाई, रखरखाव एवं बेहतर व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिये। जहां अस्पतालों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, वहां उपलब्ध स्थान के अनुसार पौधरोपण कर परिसर को हरा-भरा एवं सुंदर बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी अस्पताल में आवश्यक दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। आयुर्वेद, यूनानी एवं होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों को और अधिक प्रभावी एवं जनोपयोगी बनाने के लिए विभागीय व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार आवश्यक है।
सभी योजनाओं एवं परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए तथा निर्माण, संचालन, औषधि आपूर्ति एवं अन्य कार्यों में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर प्रमुख सचिव रंजन कुमार, मदन सिंह गर्ब्याल, आयुर्वेद निदेशक नारायण दास, होम्योपैथी निदेशक प्रमोद कुमार सिंह, यूनानी निदेशक जमाल अख्तर सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।












