वाशिंगटन :ईरान और अमेरिका के बीच अभी भी तनाव की स्थिति बनी हुई है। कथित युद्धविराम के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान और सोशल मीडिया पोस्ट से स्थिति में सुधार होता नहीं दिख रहा है। वहीं ईरान का कहना है कि अमेरिकी उनका आत्मसमर्पण चाहते हैं, लेकिन वह बल के आगे नहीं झुकते हैं। ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकते। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने युद्धविराम को तोड़ता तो बहुत सारे बम फूटने शुरू हो जाएंगे।
ईरान के पास नहीं होने चाहिए परमाणु हथियार
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्रूथसोशल पर एक पोस्ट में लिखा, “इजराइल ने मुझसे कभी भी ईरान के साथ युद्ध में बात नहीं की, 7 अक्टूबर के नतीजों ने मेरी आजीवन राय को और मजबूत कर दिया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकता। मैं पूरी तरह से अविश्वास के साथ फर्जी समाचारों और उनके सर्वेक्षणों को देखता और पढ़ता हूं। वे जो भी कहते हैं उसका 90% झूठ और मनगढ़ंत कहानियां हैं। चुनावों में धांधली हुई है, ठीक उसी तरह जैसे कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी। वेनेज़ुएला के नतीजों की तरह, जिसके बारे में मीडिया बात करना पसंद नहीं करता, ईरान में नतीजे आश्चर्यजनक होंगे और अगर ईरान के नए नेता (शासन परिवर्तन!) स्मार्ट हैं, तो ईरान का भविष्य एक महान और समृद्ध हो सकता है!”
तो बहुत सारे बम फूटेंगे
वहीं एक अन्य जगह इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान युद्धविराम को तोड़ता है तो बहुत सारे बम फूटने शुरू हो जाएंगे। ट्रंप ने कहा कि इसकी “अत्यधिक संभावना नहीं” है कि वह बिना किसी समझौते के ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को और अधिक आगे तक बढ़ाएंगे। जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता तब तक होर्मुज स्ट्रेट अवरुद्ध रहेगा।
पेजेश्कियान ने एक्स पर किया पोस्ट
वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना सार्थक संवाद का आधार है। अमेरिकी सरकार के आचरण के प्रति ईरान में गहरा ऐतिहासिक अविश्वास बना हुआ है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों के अरचनात्मक और विरोधाभासी संकेत एक कड़वा संदेश देते हैं; वे ईरान का आत्मसमर्पण चाहते हैं। ईरानी बल के आगे नहीं झुकते।”












