कौशाम्बी।जिले में परिषदीय विद्यालयों की स्थिति परखने के लिए मंगलवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विकास खंड सिराथू के आठ विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्कूल निर्धारित समय पर बंद मिले, छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही और शिक्षण कार्य में गंभीर लापरवाही सामने आई। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों ने वेतन रोकने, प्रतिकूल प्रविष्टि देने और कारण बताओ नोटिस जारी करने जैसी कार्रवाई की।निरीक्षण की शुरुआत कंपोजिट विद्यालय सेहिया आमद करारी से हुई, जहां सुबह 7:43 बजे विद्यालय बंद मिला। मौके पर पांच छात्र और एक सहायक अध्यापक बाहर खड़े पाए गए। इस पर उपस्थित शिक्षक को छोड़कर अन्य सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का अप्रैल 2026 का वेतन अवरुद्ध कर दिया गया। इसके बाद प्राथमिक विद्यालय कोडर का निरीक्षण किया गया, जो सुबह 8:05 बजे बंद पाया गया। यहां केवल एक छात्र उपस्थित मिला, जिस पर विद्यालय के समस्त स्टाफ का वेतन रोक दिया गया।प्राथमिक विद्यालय तेजवापुर में तीन में से दो शिक्षक उपस्थित पाए गए, जबकि एक आकस्मिक अवकाश पर था। हालांकि विद्यालय में एक भी छात्र मौजूद नहीं मिला। इस स्थिति पर नाराजगी जताते हुए दोनों उपस्थित शिक्षकों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।प्राथमिक विद्यालय नारा में 146 पंजीकृत छात्रों के सापेक्ष केवल 36 छात्र उपस्थित मिले, जबकि शिक्षामित्र मनोरमा देवी अनुपस्थित पाई गईं। इस पर प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।उच्च प्राथमिक विद्यालय जुवरा में कक्षा 8 के छात्र अंग्रेजी सही ढंग से नहीं पढ़ पाए और कुछ छात्र अनुशासनहीनता करते नजर आए। विद्यालय में शैक्षिक वातावरण और साफ-सफाई का अभाव भी पाया गया। इस पर प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी करते हुए सुधार के निर्देश दिए गए।प्राथमिक विद्यालय जुवारा में 96 छात्रों के सापेक्ष मात्र 35 छात्र उपस्थित मिले। नामांकन और उपस्थिति बढ़ाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं पाया गया। विद्यालय का शैक्षिक स्तर अत्यंत कमजोर मिला। साथ ही जर्जर भवन को निष्प्रयोज्य घोषित नहीं किया गया था और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। इस पर प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।प्राथमिक विद्यालय महन्दापुर में 105 में से 55 छात्र उपस्थित मिले, जबकि कई बच्चे विद्यालय के बाहर घूमते पाए गए। शिक्षण कार्य में लापरवाही और कमजोर शैक्षिक स्तर पर प्रधानाध्यापक से जवाब तलब किया गया।कंपोजिट विद्यालय बिसारा में छात्रों ने दूध वितरण अनियमित होने और डीबीटी की राशि न मिलने की शिकायत की। निरीक्षण के दौरान कक्षा 5 में कोई शिक्षक उपस्थित नहीं मिला, जबकि समय सारणी के अनुसार ड्यूटी निर्धारित थी। इस पर सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
कौशाम्बी में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली 8 स्कूलों के औचक निरीक्षण में बंद मिले विद्यालय, शिक्षकों का वेतन रोका
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