सिद्धार्थनगर जिले की डुमरियागंज तहसील के ग्राम हल्लौर निवासी कमलेश कुमार को वर्ष 2020 में आवासीय पट्टा आवंटित किया गया था। हालांकि, उन्हें अभी तक इस जमीन पर कब्जा नहीं मिल पाया है। इसका कारण यह है कि आवंटित भूमि पर पहले से ही एक आंगनबाड़ी केंद्र और एक सामुदायिक शौचालय निर्मित है। कमलेश कुमार, जो स्वयं को भूमिहीन और अत्यंत गरीब बताते हैं, ने इस संबंध में जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर और स्थानीय उपजिलाधिकारी को शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने बताया कि उन्हें आराजी गाटा संख्या 1187/1541 मि० रकबा 0.0190 हे. का पट्टा मिला था। इस मामले को लेकर उन्होंने पूर्व में भी उपजिलाधिकारी से शिकायत की थी और तहसील सभागार में आयोजित समाधान दिवस में भी अपनी फरियाद रखी थी। जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि आवंटित भूमि पर वास्तव में आंगनबाड़ी केंद्र और सामूहिक शौचालय मौजूद हैं। लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में इन तथ्यों को अंकित करते हुए उपजिलाधिकारी को प्रस्तुत किया है। कमलेश कुमार ने सवाल उठाया है कि यदि भूमि पर पहले से ही ये संरचनाएं मौजूद थीं, तो लेखपाल ने बिना उचित जांच के उन्हें आवासीय पट्टा क्यों आवंटित किया और प्रमाण पत्र क्यों जारी किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लेखपाल ने उसी गाटा संख्या में से दो अन्य व्यक्तियों को किस आधार पर भूमि आवंटित की है। कमलेश कुमार ने विभाग द्वारा उनके साथ हुए इस अन्याय पर चिंता व्यक्त की है और जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर आवासीय पट्टा दिलाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
डुमरियागंज में पट्टे की जमीन पर आंगनबाड़ी, शौचालय:लाभार्थी को नहीं मिला कब्जा, जिलाधिकारी से शिकायत
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