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बस्ती जिले के विक्रमजोत विकास क्षेत्र के कंहईपुर गांव में सरयू पंप नहर सूख गई है। पानी की कमी के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे धान की बेहन और गन्ने सहित अन्य फसलों की सिंचाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। यह नहर दशकों पहले सरयू नदी पर बनाई गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को सस्ती सिंचाई उपलब्ध कराना था। लगभग 70 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में विक्रमजोत कलवारी मुख्य नहर और विक्रमजोत खम्हरिया कैनाल जैसी शाखाएं शामिल हैं। इसके निर्माण के लिए हजारों बीघा जमीन अधिग्रहित की गई थी। दशकों तक यह सरयू नहर परियोजना सुचारू रूप से संचालित होती रही। हालांकि, बाद में सरकारी नलकूपों और नहरों से सिंचाई शुल्क माफ करने की घोषणा के बाद इसकी व्यवस्था बिगड़ गई। इससे नहरों का रखरखाव प्रभावित हुआ और वे सूखने लगीं। सरयू नहर से सिंचाई करने वाले किसान राम चन्द्र यादव, किसन लाल, माता प्रसाद, राम दरश, लहरी प्रजापति, सालिक राम और श्याम नारायण ने बताया कि वे इस संबंध में कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। वर्तमान में किसानों को अपनी धान की बेहन और गन्ने सहित अन्य फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। पानी की कमी के कारण उन्हें महंगे डीजल इंजन का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे उनकी खेती की लागत में काफी वृद्धि हुई है। इस संबंध में सरयू नहर के जेई राकेश यादव ने बताया कि उनका काम मैकेनिकल का है और पंप तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि सिविल के जेई, एसडीओ और अन्य कर्मचारी पानी की मांग करते हैं, तो वे तुरंत पानी उपलब्ध कराने को तैयार हैं।
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बस्ती के कंहईपुर में सरयू नहर सूखी:धान-गन्ने की सिंचाई प्रभावित, किसान महंगे डीजल पर निर्भर
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