श्रावस्ती में संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों का परीक्षण करने के लिए एक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकारी, उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में यह अभ्यास तहसील भिनगा के ग्राम खजुहा झुनझुनिया में राप्ती नदी के तट पर हुआ। जिला पंचायत अध्यक्ष और जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने इसकी अध्यक्षता की। मॉकड्रिल में नदी में व्यक्ति के डूबने, गांव में बाढ़ का पानी भरने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने जैसी स्थितियों का पूर्वाभ्यास किया गया। एसडीआरएफ टीम ने राप्ती नदी में डूबते व्यक्ति को सफलतापूर्वक बचाने का प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त, राहत सामग्री वितरण, बाढ़ शरणालयों की व्यवस्था और आपातकालीन समन्वय प्रणाली का भी परीक्षण किया गया। श्रावस्ती एक बाढ़ प्रभावित जिला है, इसलिए पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी सभी तैयारियां समय पर पूरी की जा रही हैं। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि आपदा की स्थिति में जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को त्वरित राहत पहुंचा सके। मॉकड्रिल का एक अन्य उद्देश्य बाढ़ से राहत और बचाव की तैयारियों का मूल्यांकन करना भी था। जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। साथ ही, प्रत्येक बाढ़ चौकी पर स्वास्थ्य विभाग की टीम आवश्यक दवाइयों के साथ तैनात की गई है, ताकि बरसात में होने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव किया जा सके। इस मॉकड्रिल में राजस्व, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा, सिंचाई, खाद्य एवं रसद, नागरिक सुरक्षा, पुलिस विभाग, फ्लड पीएसी-3 बटालियन सीतापुर और फायर ब्रिगेड ने सहयोग किया। पशुओं के लिए चारे और रहने की व्यवस्था की गई थी, जबकि बाढ़ शरणालयों में भोजन, दवा, बिस्तर और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। आपदा विशेषज्ञ अरुण कुमार मिश्रा ने संपूर्ण मॉकड्रिल का संचालन और समन्वय किया। प्रशासन ने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान सामने आई कमियों को समय रहते दूर किया जाएगा, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में कोई कठिनाई न हो।
श्रावस्ती में बाढ़ पूर्व तैयारी का जायजा:राप्ती नदी तट पर मॉकड्रिल आयोजित, नागरिकों को डूबने से बचाव का अभ्यास
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