लखनऊ। राजधानी में तीस सप्ताह की गर्भावस्था में जन्मे दो अत्यंत कम वजन वाले जुड़वा नवजातों की जान बचाकर उत्तर रेलवे मंडलीय चिकित्सालय लखनऊ के चिकित्सकों एवं वेल्सन मेडीसिटी अस्पताल लखनऊ की विशेषज्ञ टीम ने चिकित्सा क्षेत्र में सराहनीय कार्य किया।
आशियाना स्थित लोकबंधु अस्पताल में जन्में दोनों बच्चों को श्वास सम्बन्धित समस्या के अत्यंत गंभीर स्थिति होने पर उन्हें अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया मगर बच्चों की स्थिति खराब होने और बेड की उपलब्धता ना होने के कारण उन्हें पीजीआई और मेदांता जैसे नामचीन अस्पतालों ने भी भर्ती करने से मना कर दिया जिसके बाद उन्हें इमरजेंसी में उत्तर रेलवे मंडलीय चिकित्सालय लखनऊ लाया गया जहां इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. शशांक द्विवेदी एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उर्मी सरकार ने तत्काल उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा प्रबंधन शुरू किया और फिर स्थिति नियंत्रण होने के बाद दोनों बच्चों को बेहतर नवजात चिकित्सा के लिए वेल्सन मेडिसिन अस्पताल रेफर किया गया।
जहां डॉ. नेहा राय और उनकी एनआईसीयू टीम ने निरंतर निगरानी, उच्य स्तरीय श्वसन प्रबंधन प्रक्रिया, संक्रमण का उपचार एवं पोषण संबंधी देखभाल के माध्यम से दोनों नवजातों को गंभीर स्थिति से बाहर निकाला। बेहतरीन चिकित्सा देखभाल के बाद उनकी स्थिति सामान्य हो गई आज अस्पताल से छुट्टी होने तक दोनों बच्चों का वजन करीब 1.44 किलोग्राम हो गया और वे बिना ऑक्सीजन सहायता के सामान्य रूप से सांस लेने लगे।
बता दें कि यह सफलता रेलवे अस्पताल के चिकित्सकों, वेल्सन की एनआईसीयू टीम, नर्सिंग स्टाफ एवं सभी सहयोगी कर्मचारियों के समन्वित प्रयास का परिणाम है। इन नन्हे योद्धाओं का स्वस्थ होकर घर लौटना न सिर्फ उनके परिवार के लिए बल्कि पूरी चिकित्सा टीम के लिए भी अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण क्षण था।
डॉक्टरों की टीम ने जुड़वा नवजातों को दी नई जिंदगी
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