गीर सोमनाथ। गुजरात पुलिस ने सोमनाथ, द्वारका और डांग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आने वाले यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा बढ़ाने के लिए टूरिस्ट फ्रेंडली पुलिस स्टेशन’ स्थापित करने का निर्णय लिया है।
साथ ही, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर कंटेनर आधारित ‘हेल्प डेस्क’ और ‘कियोस्क’ स्थापित किए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को तुरंत सहायता मिल सके। बुधवार को गीर सोमनाथ में एक उच्चस्तरीय बैठक राज्य के पुलिस प्रमुख डॉ. के.एल.एन. राव की अध्यक्षता में हुई।
इस बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रमुख पर्यटन जिलों में अत्याधुनिक ‘टूरिस्ट फ्रेंडली पुलिस स्टेशन’ स्थापित किए जाएंगे। यह पहल डीजी एवं आईजी कॉन्फ्रेंस की सिफारिशों के अनुसार की जाएगी।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के मार्गदर्शन में पहले चरण में गीर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका और डांग जिलों में कंटेनर आधारित ‘हेल्प डेस्क’ और ‘कियोस्क’ स्थापित किए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को तुरंत सहायता मिल सके।
जहां पहले से पुलिस चौकियां मौजूद हैं, वहां उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर उन्हें आधुनिक टूरिस्ट पुलिस स्टेशन में अपग्रेड किया जाएगा।
बैठक में पर्यटकों को आसानी से पुलिस की पहचान कर सकने के लिए पुलिस कर्मियों के लिए विशेष यूनिफॉर्म और वाहनों के लिए अलग ‘लोगो’ डिजाइन करने पर भी चर्चा हुई।
एक केंद्रीकृत ‘इंटरैक्टिव टूरिस्ट पुलिस एप्लिकेशन’ विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे पर्यटकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी जरूरी जानकारी और सुरक्षा सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
इसके अलावा, प्रत्येक टूरिस्ट पुलिस स्टेशन में पर्याप्त स्टाफ, नए वाहन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है।
बैठक में डीजीपी डॉ. केएलएन राव ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं है, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सुरक्षित और मित्रवत माहौल देना भी है।
गुजरात पुलिस का लक्ष्य है कि इस योजना को तेजी से लागू कर राज्य के पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर और अधिक सुरक्षित बनाया जाए। इस बैठक में आईजीपी (प्रशासन) सहित गीर सोमनाथ, द्वारका और डांग जिलों के पुलिस अधीक्षक भी उपस्थित रहे।












