
लखनऊ। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत, सौ दिवसीय सघन टीबी अभियान जोखिम वाले समुदायों की स्क्रीनिंग के माध्यम से टीबी की समय पर पहचान और जन जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ये बातें राज्य क्षय रोग अधिकारी ने दी। शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (अमौसी) पर आयुष्मान आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्य क्षयरोग अधिकारी डॉ.ऋषि सक्सेना,अधिकारी आनंद तिवारी तथा जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.अतुल कुमार सिंघल मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि बस स्टॉप और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह के शिविर आयोजित करने का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक जांच,परामर्श और जागरूकता सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने यह भी बताया कि टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते समय पर इसकी पहचान हो और मरीज पूरा इलाज ले। अभियान के तहत हाई-रिस्क समूहों की सक्रिय स्क्रीनिंग, एआई आधारित एक्स-रे जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग तथा मरीजों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे “टीबी मुक्त भारत” के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सके। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अतुल कुमार सिंघल ने टीबी के लक्षणों, निक्षय पोषण योजना एवं निक्षय मित्र योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसी क्रम में विकासखंड सरोजिनी नगर के हाई-रिस्क गांव—नीवा बरौली, मिरानपुर एवं पिनवात तथा विकासखंड बक्शी का तालाब के ग्राम बीबीपुर में भी शिविर आयोजित किए गए।हवाई अड्डे पर लगे शिविर में 140 व्यक्तियों की एआई आधारित एक्सरे मशीन से जांच की गई /












