उत्तर प्रदेश : घटना तब सामने आई जब स्थानीय लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी. सचिन के शरीर पर चोट के गहरे निशान पाए गए हैं, जिसके आधार पर परिजनों ने पुरानी रंजिश में हत्या का आरोप लगाया है.मृतक के भाई सोनू यादव की भी करीब छह माह पहले दीपावली के दौरान पीजीआई क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
सचिन के परिवार के लिए यह दूसरी बड़ी त्रासदी है. करीब छह महीने पहले दिवाली के दिन पीजीआई के रेवतापुर गांव में पारिवारिक विवाद के दौरान सचिन के भाई सोनू यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
उस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए थे और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की थी. हैरानी की बात यह है कि उस पुराने मामले में सचिन के पिता अभी भी जेल में बंद हैं और अब दूसरे बेटे का शव मिलने से परिवार पूरी तरह टूट गया है.
परिजनों का आरोप है कि सचिन की मौत सामान्य नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है. शव पर मौजूद चोट के निशान इशारा कर रहे हैं कि उसे बेरहमी से पीटा गया है.
दिवाली के समय हुए सोनू हत्याकांड के बाद से ही दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ था. उस समय पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था. फिलहाल पुलिस पुरानी रंजिश के एंगल से कड़ियां जोड़ रही है.
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. खाली प्लॉट से साक्ष्य जुटाए गए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का पता चल सकेगा.












