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एक वर्ष से वार्ता ठप, उत्पीड़न जारी: संघर्ष समिति ने प्रबंधन की उदासीनता पर उठाए सवाल

लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पिछले एक वर्ष से संघर्ष समिति के साथ कोई  वार्ता नहीं की गई है, जबकि दूसरी ओर कर्मचारियों पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों का सिलसिला लगातार जारी है। इससे कार्यस्थल का वातावरण खराब हो रहा है और बिजली व्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

संघर्ष समिति ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा निरंतर कर्मचारी संगठनों से संवाद पर बल दिया जाता रहा है तथा मुख्य सचिव स्तर से भी नियमित वार्ता के निर्देश हैं। इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन का यह रवैया अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और विरोधाभासी है।

संघर्ष समिति ने स्मरण कराया कि ठीक एक वर्ष पूर्व, 05 मई 2025 को क्रमिक अनशन के दौरान संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे की हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी। इसके बाद प्रबंधन को वार्ता के लिए बाध्य होना पड़ा और 12 मई 2025 को विस्तृत बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में संघर्ष समिति ने बिजली व्यवस्था में सुधार हेतु एक व्यापक और ठोस प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया था। उस समय अध्यक्ष द्वारा इस पर अध्ययन कर आगे वार्ता करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक उस पर कोई प्रगति नहीं हुई।

संघर्ष समिति का कहना है कि यदि उस समय प्रस्तुत सुझावों पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लिए गए होते, तो आज उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति से संबंधित जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वे काफी हद तक टाली जा सकती थीं।

संघर्ष समिति ने यह भी आरोप लगाया कि संवाद के बजाय दमनात्मक नीति अपनाकर भय का वातावरण बनाकर बिजली व्यवस्था चलाने का प्रयास किया जा रहा है, जो न तो व्यावहारिक है और न ही टिकाऊ। संघर्ष समिति ने मांग की है कि भीषण गर्मी को देखते हुए उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रबंधन तत्काल सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को वापस ले तथा संघर्ष समिति के साथ सम्मानजनक और सार्थक वार्ता शुरू करे। साथ ही, पूर्व में दिए गए सुझावों के आधार पर बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

उत्पीड़न के विरोध में 16 अप्रैल से चल रहे जन-जागरण अभियान के अंतर्गत आज चित्रकूट एवं बांदा में सभाएं आयोजित की गईं। इन सभाओं को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेन्द्र सिंह गुर्जर एवं महेन्द्र राय ने संबोधित किया और कर्मचारियों से एकजुट होकर संघर्ष को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

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