HomeHealth & Fitnessकरोड़ों का बजट साफ, अमृत सरोवर बदहाल

करोड़ों का बजट साफ, अमृत सरोवर बदहाल

सहजनवा से सूरज प्रताप सिंह की रिपोर्ट । सहजनवा तहसील अंतर्गत पाली ब्लॉक के डोहरिया कला में करोड़ों रुपये की लागत से बना अमृत सरोवर बदहाल स्थिति में है। भीषण गर्मी के बीच यह जल संकट से निपटने के सरकारी दावों की पोल खोल रहा है।

ग्रामीण इलाकों में जल संकट, गिरते जलस्तर और पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने ‘अमृत सरोवर’ योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत गांवों में जल संचय और सौंदर्यकरण के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित किया गया था। डोहरिया कला में इस सरोवर की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल उलट है। यह सरोवर वर्तमान में उपेक्षा का शिकार है और अपनी बदहाली बयां कर रहा है।
*लाखों खर्च, फिर भी गंदगी का अंबार*
साल 2022-2023 में डोहरिया कला में लाखों रुपए की लागत से इस अमृत सरोवर का कायाकल्प किया गया था। कागजों पर इसे एक आदर्श पिकनिक स्पॉट और जल संचय का केंद्र दिखाया गया, लेकिन धरातल पर यह किसी कचरा घर से कम नजर नहीं आता।
सरोवर के चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जो बांध ग्रामीणों के टहलने के लिए बनाए गए थे, उन पर झाड़-झंखाड़ और लंबी घास उग आई है, जिससे वहां जहरीले जीव-जंतुओं का बसेरा हो गया है।

*जिम्मेदारों की लापरवाही का दंश*

सरकार की मंशा थी कि इन सरोवरों में न केवल पानी भरा रहे, बल्कि इनकी नियमित साफ-सफाई और देखरेख भी हो। डोहरिया कला में स्थिति यह है कि देखरेख के अभाव में यह सरोवर अब एक साधारण पोखरे से भी बदतर हालत में पहुंच चुका है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद से जिम्मेदार अधिकारियों ने इधर मुड़कर भी नहीं देखा।
अधिकारियों का आश्वासन कब बदलेगी तस्वीर इस मामले में जब प्रशासनिक पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो खंड विकास अधिकारी (BDO) पाली, बृजेश यादव ने बताया कि अमृत सरोवर में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित है। हालांकि, उन्होंने माना कि साफ-सफाई की कमी हो सकती है। उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा की अमृत सरोवर में पानी मौजूद है। यदि वहां साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं है या गंदगी जमा है, तो उसे तत्काल संज्ञान में लेकर सफाई कार्य कराया जाएगा।
सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण तक सीमित है? अगर समय पर रखरखाव नहीं हुआ, तो डोहरिया कला का यह अमृत सरोवर जल्द ही पूरी तरह अस्तित्व खो देगा। अब देखना यह है कि बीडीओ के आश्वासन के बाद सरोवर की सूरत बदलती है या यह भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ा रहेगा।

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