नई दिल्ली। हाई-स्पीड इंटरनेट ज्यादातर लोगों की जरूरत बन गया है और इसे देखते हुए TP-Link ने नेक्स्ट जनरेशन Wi-Fi 8 राउटर पेश किया है। टेक की दुनिया में लगातार इनोवेशन चलता रहता है। टीपी-लिंक (TP-Link) ने आम लोगों के इस्तेमाल करने के लिए एक ऐसा वाई-फाई राउटर (इंटरनेट डिवाइस) पेश किया है, जो सबसे नए और सुपरफास्ट ‘वाई-फाई 8’ (Wi-Fi 8) तकनीक पर काम करता है। यह घरों में कई डिवाइस पर एक साथ हाई-स्पीड इंटरनेट देता है। टेस्टिंग के दौरान WiFi 7 के मुकाबले इसमें कई सुधार देखने को मिले हैं। लेकिन, भारत में यह राउटर अभी आएगा या नहीं, इस बारे में कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है। फिलहाल, देश में वाई-फाई 7 राउटर ही आ रहे हैं। उम्मीद है कि कंपनी आगे वाले समय में वाई-फाई 8 राउटर भी भारत में ला सकती है।
अक्टूबर में लॉन्च होगा राउटर
Archer 8 कंपनी का पहला ऐसा वाई-फाई राउटर है, जिसे ‘Wi-Fi 8’ की नई तकनीक IEEE 802.11bn पर तैयार किया गया है।
इसका मुख्य काम एक ऐसा इंटरनेट देना है, जो कभी ना रुके और जिस पर आप आंख बंद करके भरोसा कर सकें।
इस राउटर को अक्टूबर, 2026 में लॉन्च किया जाएगा।
Archer 8, TP-Link का लेटेस्ट राउटर है, जो स्थिर और कम-लेटेंसी वाली वायरलेस कनेक्टिविटी देता है।
इसे आज के भीड़भाड़ वाले वायरलेस स्पेक्ट्रम और घर के मुश्किल माहौल के लिए डिजाइन किया गया है।
इन कमियों को दूर करने के लिए क्या गया डिजाइन
टीपी-लिंक का मानना है कि नए जमाने के वाई-फाई (Wi-Fi 8) का मकसद सिर्फ कागजों पर या दावों में बहुत ज्यादा स्पीड दिखाना नहीं होना चाहिए। बल्कि, जब लोग असल जिंदगी में इसका इस्तेमाल करें तो इंटरनेट बिना किसी रुकावट के चलना चाहिए।
कंपनी के अनुसार, Archer 8 वायरलेस राउटर उन कुछ आम परेशानियों को दूर करने के लिए डिजाइन किया गया है, जो आज के समय में कई यूजर Wi-Fi के साथ करते हैं। इनमें अलग-अलग कमरों में स्पीड का एक जैसा ना होना, कई कनेक्टेड डिवाइस के कारण नेटवर्क में भीड़ होना, मेश रोमिंग का स्थिर ना होना और गेमिंग, वीडियो कॉल और मूवी स्ट्रीमिंग के दौरान लेटेन्सी में अचानक बढ़ोतरी होना शामिल है।
असल में भी देता है बेहतर परफॉर्मेंस
TP-Link Systems Inc. के प्रेसिडेंट जेफ बार्नी का कहना है कि कई साल से Wi-Fi इनोवेशन को इसकी अधिकतम सैद्धांतिक स्पीड यानी कंपनियों द्वारा दावा किए जाने वाली स्पीड से मापा जाता रहा है। लेकिन यूजर्स के लिए असल मायने में जो चीज जरूरी है, वह इसकी निरंतरता है। Archer 8 को यही देने के लिए डिजाइन किया गया है। कम लेटेंसी, इंटरफेरेंस होने पर भी बेहतर परफॉर्मेंस और असल दुनिया के माहौल में ज्यादा स्थिर कनेक्टिविटी।
कंपनी ने की टेस्टिंग
TP-Link ने इंटरनल लैब टेस्टिंग की है। इसमें Wi-Fi 7 की तुलना में Wi-Fi 8 के शुरुआती वर्जन की जांच की गई। यह टेस्टिंग घर की वास्तविक परिस्थितियों जैसा माहौल बनाकर की गई थी। कंपनी का कहना है कि शुरुआती नतीजे इस बात को साफ करते हैं कि Wi-Fi 8 को किस तरह डिजाइन किया गया है। यह सिर्फ कागजों पर दिखने वाली अधिकतम स्पीड देने के बजाय यूजर के वास्तविक एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने पर ध्यान देता है।
टेस्टिंग के नतीजे
कंपनी का दावा है कि शुरुआती टेस्टिंग से पता चला है कि समान दूरी और सिग्नल की स्थितियों में प्रोटोकॉल लेवल पर काफी सुधार हुए हैं।
बेहतर मॉड्यूलेशन और कोडिंग सुधारों के कारण 33% तक ज्यादा बेहतर परफॉर्मेंस मिलती है।
इससे ज्यादा दूरी पर भी तेज और स्थिर स्पीड बनाए रखने में मदद मिलती है।
टेस्टिंग में यह भी सामने आया कि जब असमान मॉड्यूलेशन तकनीकों का इस्तेमाल किया गया, तो परफॉर्मेंस में 24% तक की बढ़ोतरी हुई।
कई डिवाइस के मामले में 20 प्रतिशत सुधार
TP-Link ने कुछ अन्य सुधारों के बारे में भी बताया। जब कई मंजिलों वाली इमारतों में किसी एक डिवाइस को जोड़ने के लिए Wi-Fi 8 का इस्तेमाल किया गया, तो सिग्नल की परफॉर्मेंस में 30% का सुधार देखा गया।
इसके अलावा, TP-Link के एंटीना आर्किटेक्चर और AI आधारित ऑप्टिमाइजेशन के कारण कई डिवाइस वाले माहौल में भी 10 से 20% तक का सुधार देखने को मिला।
टीपी-लिंक का कहना है कि इन सुधारों से गति में होने वाली बड़ी गिरावट को कम किया जा सकता है, कई उपकरणों की स्थिरता में सुधार किया जा सकता है, नेटवर्क के परफॉर्मेंस को मजबूत किया जा सकता है।












