लखनऊ। कमिश्नरेट लखनऊ की स्वाट, सर्विलांस और चिनहट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने फिरौती के लिए अपहरण के सनसनीखेज मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए 50 हजार रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले डेढ़ वर्ष से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट, उद्घोषणा तथा कुर्की जैसी कानूनी कार्रवाई भी की जा चुकी थी।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान जौनपुर निवासी 30 वर्षीय संजय पुत्र जयप्रकाश के रूप में हुई है। उसे गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र स्थित रोडवेज बस स्टॉप से गिरफ्तार किया गया।
फिरौती के लिए किया गया था अपहरण
मामला अगस्त 2024 का है, जब अयोध्या निवासी कर्मवीर सिंह ने चिनहट थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उसके परिचित का अपहरण कर फिरौती मांगी गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि मुख्य आरोपी संजय लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी गई, लेकिन वह पुलिस को चकमा देता रहा।
इनाम घोषित, कुर्की तक पहुंची कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी की तलाश में लगातार प्रयास किए। न्यायालय से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद उसके खिलाफ उद्घोषणा की कार्रवाई की गई। बाद में उसकी संपत्ति भी कुर्क की गई। आरोपी के लगातार फरार रहने पर वरिष्ठ अधिकारियों ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
स्वाट और सर्विलांस टीम ने दबोचा
लखनऊ पुलिस की स्वाट और सर्विलांस टीम को सूचना मिली कि आरोपी गाजियाबाद क्षेत्र में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को लखनऊ लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ठगी के कई मामलों में भी नामजद
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पर केवल अपहरण का ही नहीं, बल्कि नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी और जालसाजी के कई मुकदमे भी दर्ज हैं। उसके खिलाफ अयोध्या के विभिन्न थानों में ठगी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।
अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी
लखनऊ पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध, अपहरण, ठगी और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे।












