मुंबई का कामा हॉस्पिटल 1 अप्रैल, 2026 को एक जेनेटिक काउंसलिंग डिपार्टमेंट खोलने वाला है, जो खानदानी बीमारियों का पता लगाने और गाइडेंस देने में मदद करेगा। इस पहल का मकसद जेनेटिक बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, जिनका अक्सर पता नहीं चल पाता।(Cama Hospital to Launch Genetic Counseling Department from April 1)
बीमारियों के बारे में सोच-समझकर फैसले लेने में मदद मिलेगी
यह डिपार्टमेंट खानदानी बीमारियों का जल्दी पता लगाने, काउंसलिंग और मैनेजमेंट पर फोकस करेगा, और एक्सपर्ट इलाज और सलाह देगा। सेवाओं में प्रीनेटल और न्यूबोर्न स्क्रीनिंग शामिल होगी, जिससे परिवारों को खतरों को समझने और जेनेटिक बीमारियों के बारे में सोच-समझकर फैसले लेने में मदद मिलेगी।
डाउन सिंड्रोम, थैलेसीमिया, सिकल सेल एनीमिया और टर्नर सिंड्रोम जैसी मुख्य बीमारियों का पता लगाया जाएगा, जबकि मरीजों और परिवारों को मेडिकल गाइडेंस और इमोशनल सपोर्ट दोनों मिलेगा।
एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टूल्स और सबूतों पर आधारित तरीकों का इस्तेमाल
इस डिपार्टमेंट को डॉ. शबाना बोराटे और डॉ. क्षमता किंड्रे लीड करेंगी, जो एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टूल्स और सबूतों पर आधारित तरीकों का इस्तेमाल करेंगी। हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डॉ. तुषार पल्वे ने इस बात पर ज़ोर दिया कि नई सर्विस प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को मजबूत करेगी, जल्दी इलाज मुमकिन बनाएगी और एडवांस्ड जेनेटिक सेवाओं को आम लोगों के लिए ज़्यादा आसान बनाएगी।
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