डॉ. मैनेजर सिंह, जो एक वैज्ञानिक और कीट विशेषज्ञ हैं, ने विक्रमजोत परिक्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया। इनमें नेटवरपट्टी, पड़रिया, छतौना, मलौली गोसाई, सांडी, चौधरिया और कोहराएं शामिल हैं। इस भ्रमण का उद्देश्य किसानों को गन्ने के पेड़ी प्लॉट के समुचित प्रबंधन और कीटों से बचाव के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देना था। भ्रमण के दौरान, डॉ. सिंह ने किसानों को पेड़ी प्लॉट के उचित प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विशेष रूप से टॉप बोरर से प्रभावित गन्ने के शूट की पहचान कराई और सलाह दी कि ऐसे प्रभावित शूटों को समय रहते काटकर नष्ट कर दिया जाए। इससे कीट की अगली पीढ़ी को फैलने से रोका जा सकेगा। इस प्रबंधन से फसल की स्वस्थ और तेज वृद्धि होती है, कीटों का प्रकोप कम होता है, अधिक कल्लों का विकास होता है और कुल उपज में वृद्धि होती है। उन्होंने गैप फिलिंग (रिक्त स्थान पूर्ति) के महत्व को भी समझाया, जिससे खेत में पौधों की संख्या संतुलित बनी रहे और अधिकतम उत्पादन प्राप्त किया जा सके। इसके अतिरिक्त, शरदकालीन बुवाई वाले प्लॉटों की उचित देखरेख जैसे निराई-गुड़ाई, समय पर सिंचाई और संतुलित उर्वरक प्रबंधन के विषय में भी किसानों को जागरूक किया गया। इसका उद्देश्य फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में सुधार करना है। इस अवसर पर चीनी मिल से रीजनल हेड श्री दिनेश सिंह, श्री अजीत राय, श्री अमित सिंह, जोनल इंचार्ज श्री विनोद सिंह और समस्त फील्ड स्टाफ भी उपस्थित रहे।
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हर्रैया में कीट विशेषज्ञ ने किया फील्ड भ्रमण:किसानों को पेड़ी प्लॉट प्रबंधन, टॉप बोरर से बचाव की जानकारी दी
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