अमेरिका जाने की योजना बना रहे भारतीयों के लिए एक नई और महंगी सुविधा सामने आ सकती है। अमेरिकी विदेश विभाग एक पायलट प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी में है। जिसके तहत टूरिस्ट और बिजनेस वीजा आवेदक अतिरिक्त 750 डॉलर (करीब 71,626 रुपये) देकर अपना इंटरव्यू जल्दी तय कर सकेंगे। यह सुविधा उन लोगों के लिए होगी जो लंबे इंतजार से बचना चाहते हैं।
इस प्रस्तावित ‘प्रीमियम सर्विस’ के तहत आवेदकों को सामान्य 185 डॉलर वीजा फीस के अलावा अतिरिक्त 750 डॉलर चुकाने होंगे। इसके बदले उन्हें 10 दिनों के भीतर इंटरव्यू स्लॉट मिलने की संभावना होगी। यह योजना फिलहाल एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है।
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कब से शुरू होगा पायलट प्रोग्राम?
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह योजना 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक कुछ चुनिंदा अमेरिकी दूतावासों में लागू की जा सकती है। इसका उद्देश्य वीजा अपॉइंटमेंट के लंबे इंतजार को कम करना बताया जा रहा है। खासकर उन देशों के आवेदकों के लिए यह योजना अहम मानी जा रही है। जहां वीजा इंटरव्यू के लिए महीनों का इंतजार करना पड़ता है, जैसे भारत।
भारत में पहले से ही अमेरिकी B1/B2 वीजा के लिए अपॉइंटमेंट मिलने में काफी देरी होती है। ऐसे में यह नई सुविधा उन यात्रियों के लिए राहत बन सकती है जो जल्दी अमेरिका जाना चाहते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें अतिरिक्त भारी शुल्क देना होगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने साफ किया है कि यह ‘प्रीमियम सर्विस’ केवल इंटरव्यू जल्दी कराने की सुविधा देगी। वीजा स्वीकृत होगा या नहीं, यह पूरी तरह इंटरव्यू और योग्यता पर निर्भर करेगा।
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कड़े नियमों के बीच नई व्यवस्था
ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका में इमिग्रेशन नियम पहले से ही काफी सख्त हैं। कई आवेदकों पर अतिरिक्त शर्तें जैसे सोशल मीडिया जांच और सुरक्षा मानकों की जांच लागू की गई है। ऐसे में इस नई योजना को राजस्व बढ़ाने और प्रक्रिया को कुछ हद तक आसान बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। यदि यह पायलट सफल रहता है, तो इसे आगे बढ़ाकर दिसंबर 2026 तक लागू किया जा सकता है।












