Homeदेश (National)दिल्ली में 3 साल में दोगुने हुए डिजिटल फ्रॉड के केस, 90%...

दिल्ली में 3 साल में दोगुने हुए डिजिटल फ्रॉड के केस, 90% पैसे नहीं मिल पाए वापस

देश की राजधानी दिल्ली के लोग भी साइबर अपराधियों से सुरक्षित नहीं है। आए दिन ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और लोगों के पैसे ठगने के मामले सामने आते रहते हैं। इसे रोकने के लिए तमाम कि जा रहे तमाम प्रयासों के बावजूद पिछले तीन साल में ऑनलाइन धोखाधड़ी और डिजिटल पेमेंट से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले दोगुने से ज्यादा हो गए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि दर्जन भर से ज्यादा साइबर पुलिस थाने चला रही दिल्ली पुलिस लगभग 10 प्रतिशत रुपये ही वापस दिला पाई है। यह हालत तब है जब दिल्ली पुलिस के आठ सौ से ज्यादा कर्मचारी साइबर क्राइम पर काम कर रहे हैं।

हाल ही में दिल्ली में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया था जिसमें एक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट करके 22 करोड़ रुपये से ज्यादा ठग लिए गए थे। लगभग डेढ़ महीने चले डिजिटल अरेस्ट का यह केस अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी CBI को सौंप दिया गया है। इस मामले में ठगों ने खुद को पुलिस और सरकारी एजेंसियों का अफसर बताया था और 78 साल के रिटायर्ड बैंकर के खाते से 22.92 करोड़ रुपये साफ कर दिए थे।

यह भी पढ़ें: डेढ़ महीने का डिजिटल अरेस्ट, 22 करोड़ की ठगी, अब CBI करेगी मामले की जांच

कहां से मिली जानकारी?

इसी को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. संदीप पाठक ने 1 अप्रैल को संसद में सवाल पूछा था। उन्होंने डिजिटेल पेमेंट फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी का पिछले तीन साल का डेटा मांगा था। संदीप पाठख ने इन केसों में हुई रिकवरी और दिल्ली में काम करने वाले साइबर पुलिस स्टेशन और पुलिस अफसरों की संख्या भी पूछी थी। इसी का लिखित जवाब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय की ओर से दिया गया है।

इस जवाब में बताया गया है कि दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिकि, 2023 में डिजिटल पेमेंट फ्रॉड और ऑनलाइन चीटिंग से जुड़े 1475 केस सामने आए। इसी तरह 2024 में 1707 और 2025 में 3800 केस सामने आए। इन सभी केस को मिलाकर कुल 1716.64 करोड़ रुपये साइबर ठगों ने लूट लिए। तमाम कोशिशों के बावजूद सिर्फ 174.84 करोड़ रुपये ही वापस लाए जा सके यानी लगभग 90 प्रतिशत पैसों को रिकवर नहीं किया जा सका।

यह भी पढ़ें: पढ़ लें यह खबर, ठगी से बच जाएंगे, देश में कैसे बढ़ रहा साइबर क्राइम?

साइबर क्राइम से कैसे लड़ रही है दिल्ली पुलिस?

सिर्फ साइबर क्राइम से जुड़े मामलों को देखने के लिए दिल्ली पुलिस के पास दो साइबर सेल और 15 साइबर पुलिस थाने हैं। साइबर क्राइम से जुड़े केस सॉल्व करने के लिए 40 इंस्पेक्टर, 115 सब-इंस्पेक्टर, 64 असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर, 371 हेड कॉन्स्टेबल और 323 कॉन्स्टेबल तैनात हैं।

delhi police vs cyber crime

दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया है कि लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर-1930 शुरू किया गया है और डिजिटल साइबर फाइनैंशियल फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर (DCFMC) बनाया गया है। DCFMC के साथ 14 बैंकों के नोडल ऑफिसर भी काम करते हैं जिनकी मदद से धोखाधड़ी के तहत लिए गए पैसों को रोका जा सकता है।

इसके अलावा, इंटर एजेंसी कोऑर्डिनेशन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय में एक अलग टीम है जो 40 बैंकों के साथ रियल टाइम में काम करती है। ई-FIR की सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा कई तरह के जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

हालांकि, अभी तक का डेटा यही बताता है कि पिछले तीन साल डिजिटल धोखाधड़ी के मामले दोगुने हो गए हैं और धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों के पैसों में से लगभग 10 प्रतिशत पैसे ही वापस आ पाए हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments