ग्राम पंचायत महादेवा में जनाब पुत्तन रिजवी के अज़ाखाने पर एक भव्य मजलिस का आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में स्थानीय शिया समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की और कर्बला के शहीदों की कुर्बानियों को याद किया। मजलिस के दौरान प्रख्यात नौहाख्वान शाहरुख हैदर और सिराज हैदर ने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके वफादार साथियों की शहादत पर दर्दभरे नौहे पढ़े। नौहाख्वानी सुनते ही उपस्थित अज़ादारों का दिल भर आया और पूरा माहौल ‘या हुसैन’ के नारों से गूंज उठा। मजलिस के बाद वितरित हुआ तबर्रुक मजलिस के समापन पर मौलाना ने कर्बला के ऐतिहासिक घटनाक्रम और इमाम हुसैन के अमन व इंसानियत के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इमाम हुसैन का संदेश पूरी इंसानियत के लिए एक मिसाल है। इसके उपरांत, अज़ाखाने के मुतवल्ली जनाब पुत्तन रिजवी द्वारा मजलिस में उपस्थित सभी अज़ादारों को तबर्रुक (प्रसाद) वितरित किया गया। इस पूरी मजलिस को शांतिपूर्ण और सफल बनाने में स्थानीय शिया समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस मौके पर मुख्य रूप से कब्बन हुसैन, शीबू, शबाब, नीलू, बन्ने, अफरोज़, बाबू, सारिफ और ज़मन सहित शिया समुदाय के कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।
महादेवा में मजलिस का आयोजन:नौहाख्वानी सुन रो पड़े अजादार, या हुसैन के नारों से गूंजा माहौल
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