लखनऊ। किसान नेताओं ने बताया कि सरायमीर क्षेत्र में लो वोल्टेज और विद्युत कटौती को लेकर अधिशासी अभियंता फूलपुर ने वार्ता में बताया कि सरायमीर की समस्या के निदान के लिए प्रस्ताव भेजा गया पर क्षेत्रीय विरोध के चलते सुदनीपुर से नहीं जोड़ा जा सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे फूलपुर की आबादी पर कोई असर नहीं पड़ेगा और सरायमीर की जनता को बेहतर बिजली मिलेगी। उन्होंने कोरौली फीडर को दो भागों में बांटकर रोपनी के इस मौसम में किसानों को बिजली देने का आश्वासन दिया। ज्ञापन देते हुए मांग की गई कि यथाशीघ्र सरायमीर को बिजली की समस्या से निजात दिलाई जाए, शासन-प्रशासन इसे गंभीरता से ले।
किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरायमीर जैसी बड़ी बाजार और क्षेत्र को देखते हुए यहां कोई बड़ा पावर हाउस न होना विद्युत विभाग और सरकार के गैरजिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। इस क्षेत्र की बड़ी आबादी अरब से लेकर अन्य देशों में रोजगार के लिए पलायन कर बड़ी पूंजी लाकर देश को समृद्ध करती है, पर उस क्षेत्र में सुविधाओं का टोटा है। सरायमीर में जल्द से जल्द बड़ा पावर हाउस बनाया जाए। विद्युत विभाग ने वार्ता में बताया कि पेडरा में प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्र के साथ एक और विद्युत उपकेंद्र सरायमीर क्षेत्र में प्रस्तावित है। किसान संगठनों ने कहा कि सरायमीर में बिजली की समस्या को दूर करने के लिए जल्द से जल्द बड़ी क्षमता वाला विद्युत उपकेंद्र बनाया जाए।
विद्युत कटौती को लेकर अधिशासी अभियंता को दिया ज्ञापन
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