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सरयू नदी का जलस्तर तेजी से घटने के साथ ही माझा क्षेत्र पकड़ी संग्राम में कटान की समस्या गंभीर होती जा रही है। नदी का पानी घटने के बाद किनारों पर कटान तेज हो गया है, जिससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 47 सेंटीमीटर नीचे है और फिलहाल स्थिर बना हुआ है। इसके बावजूद नदी किनारे कटान जारी रहने से ग्रामीणों को अपनी जमीन और तटबंधों की सुरक्षा को लेकर चिंता सता रही है। पानी घटा तो किनारों पर शुरू हुआ कटान सरयू नदी में जलस्तर कम होने के साथ ही माझा क्षेत्र के कई हिस्सों में कटान तेज हो गया है। नदी का बहाव किनारों की मिट्टी को लगातार काट रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर घटने के बाद कटान का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। यदि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। तटबंध बचाने में जुटा बाढ़ कार्य खंड कटान की समस्या को देखते हुए बाढ़ कार्य खंड की ओर से बचाव कार्य कराया जा रहा है। नदी के किनारे कटान प्रभावित स्थानों पर सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। विभाग की कोशिश तटबंधों को नदी के बहाव से सुरक्षित रखने की है। हालांकि ग्रामीण इन बचाव कार्यों की प्रभावशीलता पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीण बोले- हर साल आता है बजट, फिर भी समस्या कायम ग्रामीण विनोद प्रसाद, दिनेश और चंद्रभान का आरोप है कि हर साल बाढ़ खंड के पास तटबंधों की सुरक्षा के नाम पर बजट आता है। इसके बावजूद कटान की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार अस्थायी बचाव कार्य कराने के बजाय कटान प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्थायी योजना तैयार की जानी चाहिए। बोल्डर बहने से उठ रहे सवाल ग्रामीणों के अनुसार, कटान रोकने के लिए नदी किनारे लगाए जा रहे बोल्डर भी कई बार सरयू के तेज बहाव में बह जाते हैं। उनका आरोप है कि पानी के बहाव के सामने बचाव कार्य में लगाए गए बोल्डर टिक नहीं पा रहे हैं और नदी में समाहित हो जाते हैं। इससे सरकारी धन खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहा है। स्थायी परियोजना की मांग, बोले- समय पर हो धन का इस्तेमाल ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से अब तक कटान की समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस और स्थायी परियोजना तैयार नहीं की गई है। उनका आरोप है कि योजना के अभाव में सरकारी धन का सही समय और प्रभावी तरीके से उपयोग नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि संवेदनशील स्थानों का तकनीकी सर्वे कराकर स्थायी कटानरोधी कार्य कराया जाए, ताकि लोगों की संपत्तियों और तटबंधों को सुरक्षित किया जा सके। ग्रामीणों के मुताबिक, यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो सरयू का कटान आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। फिलहाल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे और स्थिर है, लेकिन किनारों पर जारी कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
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सरयू का जलस्तर घटा तो बढ़ा कटान का खतरा:बस्ती में माझा क्षेत्र पकड़ी संग्राम में तटबंधों पर मंडराया संकट
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