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भारत पर अमेरिका ने लगाया 10% जबरन मजदूरी वाला टैरिफ, क्या है यह बला?

अमेरिका ने दुनिया के करीब 60 बड़े व्यापारिक साझेदार देशों पर 10 से 12.5 प्रतिशत तक नए टैरिफ लगा दिए हैं। ये आयात शुल्क शुक्रवार से लागू हो जाएंगे। अमेरिका का कहना है कि ये देश जबरन मजदूरी से बने सामान को रोकने में सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। इस फैसले से अमेरिका के कुल आयात का 99.4 प्रतिशत प्रभावित होगा।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा कि यह कदम मजदूरों की स्थिति सुधारने के लिए उठाया गया है। ब्राजील सरकार ने इस फैसले को अनुचित और मनमाना बताया है। अमेरिका के स फैसले की सार्वजनिक आलोचना हो रही है। डोनाल्ड ट्रंप, अब तक दुनिया पर कई तरह के टैरिफ लगा चुके हैं, जिनकी वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ गई है।

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अमेरिका जबरन मजदूरी वाला टैरिफ क्या है?

अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में ब्रिटेन, चीन, यूरोपीय संघ, कनाडा, जापान, भारत समेत कई बड़े देश शामिल हैं। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि ये टैरिफ मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और अनुचित व्यापार को रोकने के लिए लगाए गए हैं। जिन देशों ने मजबूर मजदूरी वाले सामान पर पाबंदी लगाने का वादा किया है, उन्हें 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। जिन्होंने नहीं किया, उन पर 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगेगा।

दुनिया ने टैरिफ पर क्या कहा है?

ब्राजील ने कहा कि अमेरिका मजदूर अधिकारों के मुद्दे का इस्तेमाल अपनी संरक्षणवादी नीति के लिए कर रहा है। ब्राजील जवाबी कदम उठाएगा। जापान सरकार ने कहा कि उसे अफसोस है, अमेरिका ऐसे फैसले ले रहा है। जापान का दावा है कि उसका व्यापार अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार होता है, यह फैसला गलत है। ऑस्ट्रेलिया के व्यापार मंत्री ने भी इन टैरिफ को पूरी तरह अनुचित बताया और कहा कि उनका देश, अमेरिका से सभी शुल्क हटवाने की कोशिश करेगा।

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टैरिफ कार्ड भूल नहीं पा रहे डोनाल्ड ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से टैरिफ को अमेरिकी कामगारों की रक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का हथियार मानते हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई देशों पर भारी टैरिफ लगाए थे, जिनमें से कई टैरिफ को अदालतों ने रद्द किया। अब वह दूसरे कानूनी रास्तों से टैरिफ लगा रहे हैं। उनकी टैरिफ नीतियों का अमेरिका में ही विरोध हो रहा है।

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