विकासखंड जमुनहा के सागर गांव में सकट पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर माताओं ने अपने पुत्रों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखा। दिनभर निर्जल उपवास रखने के बाद शाम को चंद्रोदय के समय माताओं ने चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा किया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान गणेश को तिल, शकरकंद और लड्डू आदि अर्पित कर उनका पूजन किया जाता है। यह पर्व विशेष रूप से पुत्रों की दीर्घायु और उनके जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने की कामना के साथ मनाया जाता है।




































