महराजगंज के फरेंदा थाना क्षेत्र में 2 फरवरी से लापता 20 वर्षीय युवक आदित्य चौरसिया की हत्या कर दी गई है। उसका शव 5 फरवरी की रात गेहूं के खेत में मिला था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों, लीला छापर मथुरा गुप्ता और प्रदीप गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आदित्य चौरसिया थुरानी गांव का निवासी था और 2 फरवरी से गायब था। 5 फरवरी की रात अज्ञात हत्यारों ने उसकी लाश गेहूं के खेत में फेंक दी थी। 6 फरवरी की सुबह ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। फरेंदा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसकी पहचान आदित्य चौरसिया के रूप में हुई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। शव मिलने के बाद परिजनों ने मुख्य आरोपी लीला छप्पर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने पूरे दिन हंगामा किया। थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार राय और पुलिस टीम ने काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया। शाम ढलने तक परिजनों को किसी तरह मनाया गया, जिसके बाद आदित्य का अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार को पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी लीला छापर मथुरा गुप्ता, थाना । फरेंदा, और उसके साथी प्रदीप गुप्ता, निवासी हरपुर ओला कटहिया, फरेंदा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार राय ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल सभी वांछित अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। परिजनों के अनुसार, आदित्य की हत्या लीला छप्पर से किसी पुरानी दुश्मनी के चलते की गई है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था, जिसे थाना प्रभारी ने बेबुनियाद बताते हुए कहा कि जांच तेजी से जारी है।
फरेंदा में युवक की हत्या का मामला: महराजगंज के थुरानी गांव में खेत में मिला था शव, दो आरोपी गिरफ्तार – Pharenda News
महराजगंज के फरेंदा थाना क्षेत्र में 2 फरवरी से लापता 20 वर्षीय युवक आदित्य चौरसिया की हत्या कर दी गई है। उसका शव 5 फरवरी की रात गेहूं के खेत में मिला था। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों, लीला छापर मथुरा गुप्ता और प्रदीप गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आदित्य चौरसिया थुरानी गांव का निवासी था और 2 फरवरी से गायब था। 5 फरवरी की रात अज्ञात हत्यारों ने उसकी लाश गेहूं के खेत में फेंक दी थी। 6 फरवरी की सुबह ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। फरेंदा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और उसकी पहचान आदित्य चौरसिया के रूप में हुई। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया, जिसकी रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई। शव मिलने के बाद परिजनों ने मुख्य आरोपी लीला छप्पर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजनों और ग्रामीणों ने पूरे दिन हंगामा किया। थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार राय और पुलिस टीम ने काफी समझाने-बुझाने का प्रयास किया। शाम ढलने तक परिजनों को किसी तरह मनाया गया, जिसके बाद आदित्य का अंतिम संस्कार किया गया। सोमवार को पुलिस ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी लीला छापर मथुरा गुप्ता, थाना । फरेंदा, और उसके साथी प्रदीप गुप्ता, निवासी हरपुर ओला कटहिया, फरेंदा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार राय ने बताया कि इस हत्याकांड में शामिल सभी वांछित अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। परिजनों के अनुसार, आदित्य की हत्या लीला छप्पर से किसी पुरानी दुश्मनी के चलते की गई है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया था, जिसे थाना प्रभारी ने बेबुनियाद बताते हुए कहा कि जांच तेजी से जारी है।










































