सिसवा नगरपालिका को तहसील बनाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने सोमवार रात व्यापारियों से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने हाल ही में हुई नगर बंदी के लिए मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया और आंदोलन की अगली रणनीति तैयार की। सिसवा को तहसील बनाने का मुद्दा कई वर्षों से लंबित है। पूर्व में भी इस संबंध में कई बार मांगें उठाई गईं, लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई थी। अब इस मांग को लेकर नगर के व्यापारी एकजुट हुए हैं। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपा था, जिसके बाद 5 जनवरी को सिसवा बंद रहा था। इस आंदोलन में नगर के सभी संगठनों और व्यापारियों के व्यापक समर्थन को देखते हुए व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने उनका आभार व्यक्त किया। संगठन के नगर अध्यक्ष शिबू खान और महामंत्री अधिवक्ता अश्वनी रौनियार ने स्पष्ट किया कि जब तक सिसवा को तहसील का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। इस बैठक में संगठन के कोषाध्यक्ष मकसूद अंसारी, उपाध्यक्ष संदीप मल्ल, संगठन मंत्री मनीष रौनियार, संगठन मंत्री संतराज विश्वकर्मा, बनारसी गुप्ता और अविनाश मद्धेशिया सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
सिसवा को तहसील बनाने की रणनीति बनी: व्यापार मंडल ने व्यापारियों का आभार जताया, आगे की योजना पर चर्चा की – Siswa(Maharajganj) News
सिसवा नगरपालिका को तहसील बनाने की मांग को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने सोमवार रात व्यापारियों से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने हाल ही में हुई नगर बंदी के लिए मिले समर्थन पर आभार व्यक्त किया और आंदोलन की अगली रणनीति तैयार की। सिसवा को तहसील बनाने का मुद्दा कई वर्षों से लंबित है। पूर्व में भी इस संबंध में कई बार मांगें उठाई गईं, लेकिन कोई ठोस प्रगति नहीं हुई थी। अब इस मांग को लेकर नगर के व्यापारी एकजुट हुए हैं। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन भी सौंपा था, जिसके बाद 5 जनवरी को सिसवा बंद रहा था। इस आंदोलन में नगर के सभी संगठनों और व्यापारियों के व्यापक समर्थन को देखते हुए व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने उनका आभार व्यक्त किया। संगठन के नगर अध्यक्ष शिबू खान और महामंत्री अधिवक्ता अश्वनी रौनियार ने स्पष्ट किया कि जब तक सिसवा को तहसील का दर्जा नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। इस बैठक में संगठन के कोषाध्यक्ष मकसूद अंसारी, उपाध्यक्ष संदीप मल्ल, संगठन मंत्री मनीष रौनियार, संगठन मंत्री संतराज विश्वकर्मा, बनारसी गुप्ता और अविनाश मद्धेशिया सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद रहे।






































