लक्ष्मीपुर क्षेत्र में प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज और जनता इंटर कॉलेज में शिक्षक दीनदयाल के अनुसार, लगभग 800 छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। लंबे अंतराल के बाद विद्यालय पहुंचे छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों और सहपाठियों से मिलकर उत्साहित दिखे। कक्षाओं के फिर से शुरू होने से छात्रों में पढ़ाई के प्रति नई रुचि देखी जा रही है। विद्यालय प्रबंधन ने प्री-बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कक्षाओं की व्यवस्थित रूपरेखा तैयार की है। शिक्षक पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति पर ध्यान दे रहे हैं और महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करा रहे हैं। छात्रों को समय प्रबंधन और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए जा रहे हैं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। नियमित कक्षाओं के संचालन से छात्रों की तैयारी को मजबूती मिलेगी, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इन प्रयासों से विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल फिर से सक्रिय हो गया है।
लक्ष्मीपुर में 9वीं से 12वीं की कक्षाएं शुरू: प्री-बोर्ड की तैयारी पर जोर, छात्रों में दिखा उत्साह – Lakshmipur(Maharajganj) News
लक्ष्मीपुर क्षेत्र में प्री-बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज और जनता इंटर कॉलेज में शिक्षक दीनदयाल के अनुसार, लगभग 800 छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। लंबे अंतराल के बाद विद्यालय पहुंचे छात्र-छात्राएं अपने शिक्षकों और सहपाठियों से मिलकर उत्साहित दिखे। कक्षाओं के फिर से शुरू होने से छात्रों में पढ़ाई के प्रति नई रुचि देखी जा रही है। विद्यालय प्रबंधन ने प्री-बोर्ड परीक्षाओं की बेहतर तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कक्षाओं की व्यवस्थित रूपरेखा तैयार की है। शिक्षक पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति पर ध्यान दे रहे हैं और महत्वपूर्ण प्रश्नों का अभ्यास करा रहे हैं। छात्रों को समय प्रबंधन और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए जा रहे हैं। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन करने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। नियमित कक्षाओं के संचालन से छात्रों की तैयारी को मजबूती मिलेगी, जिससे वे आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। इन प्रयासों से विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल फिर से सक्रिय हो गया है।









































