बहराइच जिले के विशेश्वरगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत खानपुर मल्लोह में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 10 से 15 वर्षों से यहां नालियों का निर्माण नहीं हुआ है, जिसके कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर बहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने लंबे समय से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। हालांकि, ग्राम सचिव महेश प्रताप दावा करते हैं कि गांव में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। मौके पर की गई पड़ताल में दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि उनके यहां लगभग 10 से 15 साल पहले नालियों का निर्माण हुआ था। उसके बाद किसी भी अधिकारी द्वारा कोई नया निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। पुरानी और टूटी हुई नालियों के कारण घरों का पानी निजी खेतों और मुख्य सड़कों पर खुलेआम बहता है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, इस स्थिति के कारण गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को रास्ते से गुजरने में विशेष दिक्कत होती है। सड़कों पर बहते पानी से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है, जिससे ग्रामीण लगातार चिंतित हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का निवारण जल्द नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। सचिव महेश प्रताप से गांव की सुविधाओं के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, “हमारे गांव में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।”
15 साल से नाली नहीं, सड़क पर घरों का पानी: ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी – Khanpur malloh(Payagpur) News
बहराइच जिले के विशेश्वरगंज विकासखंड की ग्राम पंचायत खानपुर मल्लोह में मूलभूत सुविधाओं का गंभीर अभाव है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 10 से 15 वर्षों से यहां नालियों का निर्माण नहीं हुआ है, जिसके कारण घरों का गंदा पानी सड़कों पर बहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने लंबे समय से कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। हालांकि, ग्राम सचिव महेश प्रताप दावा करते हैं कि गांव में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। मौके पर की गई पड़ताल में दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि उनके यहां लगभग 10 से 15 साल पहले नालियों का निर्माण हुआ था। उसके बाद किसी भी अधिकारी द्वारा कोई नया निर्माण कार्य नहीं कराया गया है। पुरानी और टूटी हुई नालियों के कारण घरों का पानी निजी खेतों और मुख्य सड़कों पर खुलेआम बहता है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, इस स्थिति के कारण गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को रास्ते से गुजरने में विशेष दिक्कत होती है। सड़कों पर बहते पानी से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है, जिससे ग्रामीण लगातार चिंतित हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का निवारण जल्द नहीं किया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। सचिव महेश प्रताप से गांव की सुविधाओं के बारे में पूछा, तो उन्होंने कहा, “हमारे गांव में सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं।”





































