राप्ती तट पर समरसता खिचड़ी भोज:डुमरियागंज में सामाजिक एकता का संदेश दिया गया

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डुमरियागंज में मकर संक्रांति और माघ मेला के अवसर पर राप्ती नदी तट स्थित छठ घाट पर शुक्रवार को कर्म योगी परिवार ने ‘राम राम सहभोज’ का आयोजन किया। इस भव्य आयोजन में सर्व समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक भोज में भाग लिया। समरसता भोज कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक और हिन्दू युवा वाहिनी उत्तर प्रदेश के प्रभारी राघवेंद्र प्रताप सिंह थे। उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन धर्म व्रत, पर्व और त्योहारों के कारण जीवंत है। इन परंपराओं को बनाए रखना सभी का दायित्व है। सिंह ने सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करने के लिए समरसता सहभोज को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने जानकारी दी कि मकर संक्रांति से संत रविदास जयंती तक पूरे जनपद में सहभोज कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य समाज में व्याप्त ऊंच-नीच, छुआछूत और आपसी भेदभाव जैसी कुरीतियों को समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि जब अमीर-गरीब का भेद मिटाकर सभी एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करते हैं, तो यह सामाजिक एकता की मजबूत मिसाल पेश करता है। सिंह ने जोर दिया कि हिंदू समाज की एकजुटता ही राष्ट्रविरोधी शक्तियों के मंसूबों को विफल कर सकती है और यही एकता समाज, देश व राष्ट्र के विकास को मजबूती प्रदान करेगी। कार्यक्रम में लवकुश ओझा, धर्मराज वर्मा, चंद्र प्रकाश चौधरी, मधुसूदन अग्रहरि और राजेंद्र धुरिया सहित अन्य वक्ताओं ने भी समरसता भोज के सामाजिक लाभों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक युवराज ने किया। कार्यक्रम के समापन पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने एक साथ बैठकर खिचड़ी भोज का प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान ‘सनातन धर्म’ और ‘जय श्रीराम’ के नारों से वातावरण गूंज उठा। इस अवसर पर नीरजमणि त्रिपाठी, दिलीप उर्फ छोटे पाण्डेय, लालजी शुक्ला, राजन अग्रहरि, अमरेंद्र त्रिपाठी, पप्पू श्रीवास्तव, संजय मिश्रा, शत्रुहन सोनी, रमेशधर द्विवेदी, राजकुमार चौधरी, अवधेश चौधरी, प्रेम पाण्डेय, धर्मेश पाण्डेय सहित कई श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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