मेडिकल कॉलेज परिसर से हटीं अवैध मजारें: 24 साल पुराने मामले में प्रशासन ने की कार्रवाई, 10 जनवरी को जारी हुआ था नोटिस – Bahraich News

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बहराइच के महाराजा सुहेलदेव मेडिकल कॉलेज परिसर में बनी दस अवैध मजारों को सोमवार को जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई 24 साल पुराने एक मामले में की गई है। इन मजारों को तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने 2002 में अवैध घोषित किया था। इसके बाद मजारों का संचालन करने वाले पक्ष ने कमिश्नर के समक्ष अपील दायर की थी। सात साल पहले 2019 में कमिश्नर ने भी तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट के आदेश को सही ठहराया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। मेडिकल कॉलेज से लगी जिलाधिकारी कार्यालय के पास सदियों पुराना रसूल शाह बासवाड़ी का अस्ताना है। इसमें पहले केवल दो मजारें थीं, जो वक्फ बोर्ड में भी दर्ज हैं। बाद में इनकी देखरेख करने वाले लोगों ने लगभग दस अन्य छोटी मजारें भी स्थापित कर दी थीं। वर्ष 2002 में तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने इन दस मजारों को अवैध बताते हुए इनके ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था। इसके खिलाफ कमेटी ने जिलाधिकारी के यहां अपील की, जो 2004 में खारिज हो गई। संबंधित पक्ष ने फिर मंडलायुक्त के यहां अपील की, लेकिन करीब 15 साल बाद 2019 में वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। इसी बीच, 2023 में मेडिकल कॉलेज बनने के बाद ये मजारें उसके परिसर में आ गईं। कमेटी ने पहले प्रशासन से इन्हें स्वयं हटाने की बात कही थी। नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने बताया कि बीते 10 जनवरी को संबंधित पक्ष को अवैध दस मजारों को 17 जनवरी तक हटाने का नोटिस दिया गया था। निर्धारित तिथि तक मजारें न हटाए जाने पर सोमवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस बल की मौजूदगी में दस मजारों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दो मजारें ही वैध रूप से वक्फ बोर्ड में दर्ज थीं, जिन्हें छोड़कर अन्य सभी मजारों को हटा दिया गया है।
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