शीशम की लकड़ी तस्करी, एक गिरफ्तार:बरहवा रेंज में बाइक बरामद; वन विभाग ने भेजा जेल

8
Advertisement

वन विभाग ने सोहेलदेव वन्यजीव अभ्यारण्य की बरहवा रेंज में शीशम की लकड़ी की तस्करी करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी रहमुल्ला उर्फ भंडारी को एक बाइक और कटी हुई शीशम की लकड़ी के साथ पकड़ा गया। उसे शुक्रवार दोपहर जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई गुरुवार शाम रेंजर बृजेश सिंह परमार के निर्देश पर की गई। वन दरोगा कुशाग्र पाठक और वन्यजीव रक्षक आशीष सिंह सहित टीम जंगल में गश्त कर रही थी, तभी बरहवा जंगल में दो बाइक खड़ी दिखीं। टीम ने छिपकर देखा कि कुछ लोग शीशम का पेड़ काट रहे थे। टीम ने चतुराई से पास जाकर चरनगहिया लम्बीकोहल निवासी रहमुल्ला उर्फ भंडारी पुत्र अब्दुल रहीम को एक बाइक के साथ दबोच लिया। हालांकि, ताजिम उर्फ नेता पुत्र अब्दुल्ला और एक अज्ञात व्यक्ति वन विभाग की टीम को चकमा देकर अपनी बाइक से भागने में सफल रहे। कटे हुए शीशम के पेड़ की कुछ लकड़ी वे अपने साथ ले गए थे। पकड़े गए अभियुक्त को वन रेंज परिसर लाया गया। अन्य फरार आरोपियों की तलाश की गई, लेकिन वे घर पर नहीं मिले। चिरान और बनावट के दरवाजे-खिड़की लाकर सभी के खिलाफ वन अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सोहेलदेव वन्यजीव अभ्यारण्य भारत-नेपाल सीमा पर स्थित है और रॉयल बंगाल टाइगर का प्राकृतिक आवास माना जाता है। यह सेंचुरी क्षेत्र होने के कारण आम लोगों का प्रवेश वर्जित है, लेकिन वन माफियाओं की नजर यहां के बेशकीमती साखू, शीशम और सागौन के पेड़ों पर रहती है। माफिया पेड़ काटकर उनके लट्ठों को झाड़ियों में छिपा देते हैं और रात में जंगल से बाहर निकाल लेते हैं। ठंड और कोहरे के मौसम में पेड़ों का अवैध कटान बढ़ जाता है, जिससे वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। इस संबंध में रेंजर बृजेश सिंह परमार ने बताया कि जंगल के अंदर लगातार गश्त की जा रही है। जो भी पेड़ काटते हुए पकड़े जाते हैं, उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
Advertisement