बलरामपुर सरयू नहर में छह दिन पहले गिरे 28 वर्षीय युवक महेंद्र गिरी उर्फ छोटकन का शव मंगलवार को बरामद कर लिया गया। तिलकहना पुल से लगभग तीन किलोमीटर दूर मुजहनी फाटक के समीप नहर में पीएसी को शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। थाना श्रीदत्तगंज क्षेत्र के ग्राम त्रिलोकपुर (तिलकहना) निवासी महेंद्र गिरी पुत्र घिराउ 22 जनवरी को तिलकहना पुल से सरयू नहर में गिर गया था। इसके बाद से युवक लापता था। परिजनों ने पहले स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश कराई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पीएसी सीतापुर की दूसरी वाहिनी बाढ़ राहत दल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन सर्च अभियान शुरू किया। तेज बहाव और नहर की अधिक गहराई के कारण तलाश अभियान में लगातार कठिनाइयां आती रहीं। इसके बावजूद पीएसी और पुलिस टीम ने तिलकहना पुल से लेकर मुजहनी फाटक तक नहर के दोनों किनारों पर लगातार निगरानी और तलाशी अभियान जारी रखा। छह दिनों की निरंतर मशक्कत के बाद मंगलवार को मुजहनी फाटक के पास शव को बरामद किया गया। महेंद्र गिरी का 10 वर्षीय बेटा सचिन पहले ही अपनी मां को खो चुका है। अब पिता की मौत ने उसे पूरी तरह बेसहारा कर दिया है। सोमवार तक भी कोई सुराग नहीं मिलने से हताशा बढ़ गई थी, लेकिन पुलिस और पीएसी की संयुक्त टीम ने हार नहीं मानी। हेड अजमत जलील खान के नेतृत्व में पीएसी की 2 बटालियन बाढ़ राहत दल की टीम, जिसमें हेड कांस्टेबल रंगनाथ सिंह, कांस्टेबल अब्दुल शमी, अभिषेक सिंह, शैलेंद्र कुमार, दीपू यादव, विनय यादव सहित अन्य जवान शामिल थे, लगातार जुटे रहे। थाना श्रीदत्तगंज से कांस्टेबल मनोज कुमार, नदीम, सुरेंद्र आदि पुलिसकर्मी भी मौके पर डटे रहे।
बलरामपुर सरयू नहर में लापता युवक का शव मिला:छह दिन बाद मुजहनी फाटक के पास बरामद, जांच में जुटी पुलिस
बलरामपुर सरयू नहर में छह दिन पहले गिरे 28 वर्षीय युवक महेंद्र गिरी उर्फ छोटकन का शव मंगलवार को बरामद कर लिया गया। तिलकहना पुल से लगभग तीन किलोमीटर दूर मुजहनी फाटक के समीप नहर में पीएसी को शव मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। थाना श्रीदत्तगंज क्षेत्र के ग्राम त्रिलोकपुर (तिलकहना) निवासी महेंद्र गिरी पुत्र घिराउ 22 जनवरी को तिलकहना पुल से सरयू नहर में गिर गया था। इसके बाद से युवक लापता था। परिजनों ने पहले स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश कराई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पीएसी सीतापुर की दूसरी वाहिनी बाढ़ राहत दल और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सघन सर्च अभियान शुरू किया। तेज बहाव और नहर की अधिक गहराई के कारण तलाश अभियान में लगातार कठिनाइयां आती रहीं। इसके बावजूद पीएसी और पुलिस टीम ने तिलकहना पुल से लेकर मुजहनी फाटक तक नहर के दोनों किनारों पर लगातार निगरानी और तलाशी अभियान जारी रखा। छह दिनों की निरंतर मशक्कत के बाद मंगलवार को मुजहनी फाटक के पास शव को बरामद किया गया। महेंद्र गिरी का 10 वर्षीय बेटा सचिन पहले ही अपनी मां को खो चुका है। अब पिता की मौत ने उसे पूरी तरह बेसहारा कर दिया है। सोमवार तक भी कोई सुराग नहीं मिलने से हताशा बढ़ गई थी, लेकिन पुलिस और पीएसी की संयुक्त टीम ने हार नहीं मानी। हेड अजमत जलील खान के नेतृत्व में पीएसी की 2 बटालियन बाढ़ राहत दल की टीम, जिसमें हेड कांस्टेबल रंगनाथ सिंह, कांस्टेबल अब्दुल शमी, अभिषेक सिंह, शैलेंद्र कुमार, दीपू यादव, विनय यादव सहित अन्य जवान शामिल थे, लगातार जुटे रहे। थाना श्रीदत्तगंज से कांस्टेबल मनोज कुमार, नदीम, सुरेंद्र आदि पुलिसकर्मी भी मौके पर डटे रहे।






































