बलरामपुर में 'शहीदों के नाम' कवि सम्मेलन:महारानी लाल कुंवारी महाविद्यालय में मुशायरा आयोजित

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बलरामपुर साहित्य महोत्सव समिति ने पिछले बुधवार को महारानी लाल कुंवारी महाविद्यालय में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कवि सम्मेलन और मुशायरा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. रहीम सिद्दीकी, गुलाब मिश्रा मुंतज़िर, अमन खान, आकाश तिवारी, अंशुमान श्रीवास्तव और सोनू मिश्रा ने किया। कार्यक्रम में लखनऊ से मुख्य अतिथि के तौर पर रिज़वान बिल्डर उपस्थित रहे। पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राजेश्वर मिश्रा और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि शबान अली ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गोंडा से आए अवधी के सुपरस्टार अनमोल पांडे, गोंडा रसोई के संस्थापक पीयूष पांडे, क्रिएटर टाइगर शुक्ला, अमन पाण्डेय और राम त्रिपाठी सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। अंकिता उपाध्याय ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जिसकी काफी सराहना हुई। उपस्थित लोगों ने शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति के गीतों से हुई, जिसने श्रोताओं में जोश भर दिया। नगर कोतवाल मनोज कुमार सिंह और नीलोफर खान (टीम सदस्य) की विशेष उपस्थिति और सहयोग कार्यक्रम में रहा। अंतरराष्ट्रीय शायर अज्म शाकिरी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और अपनी पंक्तियां “आँखों में आँसू भर आए पढ़ा जब हम वापस अपने घर आए” पढ़ीं, जिससे पूरा सभागार झूम उठा। कार्यक्रम का संचालन शाहबाज तालिब ने किया, जिन्होंने पढ़ा “इश्क अपनी जगह मगर तालिब अब हमें अपनी हद पर ध्यान देना है”। युवा शायर अभिश्रेष्ठ तिवारी ने अपनी रचना “रिश्ता है भाई भाई का तुमने तो हिसाब रक्खा है पाई पाई का” सुनाई। कवि आदर्श ने कहा “इधर हम दरिया किनारे चल रहे हैं उधर ट्रेन से एक लड़की कटी है”। गुलाब मिश्रा मुंतज़िर ने अपनी पंक्तियां “जो आप हम पे जो अभी ध्यान नहीं देते हैं कल न कहिएगा कि सम्मान नहीं देते हैं” प्रस्तुत कीं। मशहूर शायरा निकहत मुरादाबादी ने अपनी रचना “तुम्हारी यादों को किया आ, आज आ जाना” सुनाई, जबकि अकमल बलरामपुरी ने कहा “बड़ा गुरूर है उसको पराए मर्दों पे अमीरजादी ये सस्ता नशा भी उतरेगा।”
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