बहराइच के सीएचसी महसी में अधीक्षक डॉ. उपेंद्र वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य स्टाफ ने कुष्ठ निवारण अभियान के लिए शपथ ली। इस अवसर पर बीसीपीएम राम अचल भार्गव, वैंम अखिलेश, अनूप चौधरी, समस्त आशा संगिनी और आशा बहुओं सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने अभियान में सक्रिय सहभागिता की प्रतिज्ञा ली। अधीक्षक डॉ. उपेंद्र वर्मा ने ‘विकसित भारत अभियान’ के अवसर पर घोषणा की कि वे अपने जनपद सहित सीएचसी महसी क्षेत्र को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग को पहचानना बहुत आसान है और यह पूरी तरह से साध्य है। डॉ. वर्मा ने कहा कि वे कुष्ठ रोगियों की जितनी जल्दी हो सके पहचान करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति से कोई भेदभाव नहीं करेंगे और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को कुष्ठ रोग प्रभावित व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्यों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करने देंगे। उन्होंने व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों से जुड़े कलंक और भेदभाव को समाप्त करने तथा उनको समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए अपना पूर्ण योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सभी ने ‘भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें’ की प्रतिज्ञा दोहराई।
CHC महसी में कुष्ठ निवारण अभियान की शपथ: डॉ. उपेंद्र वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्यकर्मियों ने ली सहभागिता की प्रतिज्ञा – Mahsi News
बहराइच के सीएचसी महसी में अधीक्षक डॉ. उपेंद्र वर्मा के नेतृत्व में स्वास्थ्य स्टाफ ने कुष्ठ निवारण अभियान के लिए शपथ ली। इस अवसर पर बीसीपीएम राम अचल भार्गव, वैंम अखिलेश, अनूप चौधरी, समस्त आशा संगिनी और आशा बहुओं सहित सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने अभियान में सक्रिय सहभागिता की प्रतिज्ञा ली। अधीक्षक डॉ. उपेंद्र वर्मा ने ‘विकसित भारत अभियान’ के अवसर पर घोषणा की कि वे अपने जनपद सहित सीएचसी महसी क्षेत्र को कुष्ठ रोग से मुक्त बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग को पहचानना बहुत आसान है और यह पूरी तरह से साध्य है। डॉ. वर्मा ने कहा कि वे कुष्ठ रोगियों की जितनी जल्दी हो सके पहचान करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिले में उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग करेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कुष्ठ प्रभावित व्यक्ति से कोई भेदभाव नहीं करेंगे और न ही किसी दूसरे व्यक्ति को कुष्ठ रोग प्रभावित व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्यों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव करने देंगे। उन्होंने व्यक्तिगत एवं सामूहिक रूप से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों से जुड़े कलंक और भेदभाव को समाप्त करने तथा उनको समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए अपना पूर्ण योगदान देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सभी ने ‘भेदभाव समाप्त कर गरिमा सुनिश्चित करें’ की प्रतिज्ञा दोहराई।





































