वाराणसी: उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप (Codeine Cough Syrup) के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में फरार आरोपी शुभम जायसवाल (Shubham Jaiswal) की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। वाराणसी (Varanasi) की अदालत ने उसे निर्धारित समय पर पेश न होने के कारण भगोड़ा घोषित कर दिया है। पुलिस के अनुसार वह फिलहाल दुबई में छिपा हुआ है, जिसे भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
कोर्ट के आदेश की अवहेलना बनी बड़ी वजह
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे के तहत अदालत ने शुभम को 30 मार्च 2026 तक पेश होने का निर्देश दिया था। इससे पहले 27 फरवरी को बीएनएसएस की धारा 84 के तहत उद्घोषणा जारी कर दी गई थी। पुलिस ने नोटिस उसके घर पर चस्पा करने के साथ-साथ सार्वजनिक स्थानों पर भी सूचना प्रसारित की थी, लेकिन इसके बावजूद वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ।
लगातार फरारी के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई
कोतवाली एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के बार-बार फरार रहने और अदालत के आदेशों की अनदेखी करने पर उसे धारा 84(4) के तहत भगोड़ा घोषित किया गया है। अब उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है।
28 करोड़ की संपत्ति जब्त, बैंक खाते सीज
पुलिस जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल इस अवैध सिंडिकेट का अहम सदस्य है, जो बड़े पैमाने पर नशीले कफ सिरप की सप्लाई करता था। अब तक उसके और उसके पिता भोला जायसवाल की करीब 28 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा 13 बैंक खातों को भी सीज किया गया है, जिन्हें अवैध कमाई से जुड़ा माना जा रहा है।
अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई जारी
इस मामले में एक अन्य फरार आरोपी प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू पर भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। यदि वह भी अदालत में पेश नहीं होता है, तो उसे भी भगोड़ा घोषित किया जाएगा। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की संपत्तियों की कुर्की के लिए अदालत में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं, जिन पर 18 अप्रैल 2026 को सुनवाई होनी है। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।












