नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय ध्वज वाला एलपीजी टैंकर ‘ग्रीन आशा’ सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर गया है। ईरान द्वारा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को बंद किए जाने के बाद यह भारत का नौवां जहाज है, जिसने इस क्षेत्र से सुरक्षित आवागमन किया है।
बताया जा रहा है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के चलते इस मार्ग पर जोखिम काफी बढ़ गया है। इसके बावजूद ‘ग्रीन आशा’ का सुरक्षित निकलना भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक पेट्रोलियम व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है। हालिया तनाव ने अंतरराष्ट्रीय ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है, जिससे ऊर्जा बाजार दबाव में हैं।
समुद्री आंकड़ों के मुताबिक, इस मार्ग का उपयोग करने वाले लगभग 60 प्रतिशत जहाज सीधे या परोक्ष रूप से ईरान से जुड़े होते हैं। ऐसे में मौजूदा हालात में जहाजों की आवाजाही चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
‘ग्रीन आशा’ से पहले भी कई भारतीय जहाज इस मार्ग से गुजर चुके हैं, जिनमें एलपीजी और कच्चे तेल के बड़े शिपमेंट शामिल हैं। इन निरंतर आवाजाही से संकेत मिलता है कि जोखिमों के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था फिलहाल संतुलित बनी हुई है।












