बलरामपुर जिले के सादुल्लानगर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सादुल्लानगर पुलिस ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और पांच कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर, अपर पुलिस अधीक्षक (साइबर क्राइम) विशाल पांडेय और क्षेत्राधिकारी तुलसीपुर डॉ. जितेंद्र कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। थानाध्यक्ष सत्येंद्र वर्मा के नेतृत्व में टीम ने संकटा चौराहा के पास से सादुल्लानगर निवासी देवा तिवारी और गोंडा निवासी दीपक कुमार शुक्ला को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्टेशन और माल ढुलाई के नाम पर लोगों को कम दरों का लालच देते थे। वे फर्जी पहचान बनाकर एडवांस के रूप में रकम अपने गिरोह के विभिन्न बैंक खातों में मंगवाते थे। रकम मिलते ही, वे उसे तुरंत एटीएम या चेक के जरिए निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे, ताकि शिकायत होने पर पैसा रोका न जा सके। इस कार्रवाई में थाना सादुल्लानगर की टीम के साथ साइबर और सर्विलांस टीम का विशेष योगदान रहा। पुलिस जांच में अब तक 10 बैंक खाते सामने आए हैं, जिनसे जुड़े 11 साइबर ठगी के मामले विभिन्न राज्यों में दर्ज हैं। एक खाते में ही लगभग 16 लाख रुपये के लेनदेन की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य खातों की जांच जारी है। मुख्य आरोपी दीपक कुमार शुक्ला पहले भी साइबर धोखाधड़ी के मामले में हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार होकर जेल जा चुका है। वह कोलकाता में रहते हुए इस गिरोह के संपर्क में आया और बाद में अपने साथी देवा तिवारी को भी इसमें शामिल कर लिया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
सादुल्लानगर में साइबर ठगी गैंग का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार:लॉजिस्टिक्स के नाम पर एडवांस लेकर ठगी; 16 लाख के लेनदेन का खुलासा
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