दिल्ली : दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस की टीम ने ISIS के एक संदिग्ध को पकड़ा है। संदिग्ध को यूपी के कुशीनगर जिले से पकड़ा गया है। मिली जानकारी के मुताबिक पकड़े गए संदिग्ध का नाम रिजवान है, जिसकी मूवमेंट पर काफी समय से नजर रखी जा रही थी। इसके पास से काफी मात्रा में देश विरोधी सामान भी बरामद हुआ है।
पहले भी हुआ था गिरफ्तार
वहीं इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए दिल्ली पुलिस की टीम ने कहा, “दिल्ली पुलिस की खुफिया टीम ने उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से रिजवान नाम के एक आईएसआईएस संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। उसकी गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। उसे पहले मुंबई में भी गिरफ्तार किया गया था और उसके पास से भारी मात्रा में राष्ट्रविरोधी सामग्री बरामद की गई थी।”
यूपी एटीएस ने चार को किया गिरफ्तार
बता दें कि एक अन्य मामले में हाल ही यूपी एटीएस ने चार आरोपियों को पाकिस्तानी हैंडलर्स के निर्देश पर दहशत फैलाने की गतिविधियों में गिरफ्तार किया है। एटीएस ने इन सभी की पांच दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल किया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि एटीएस ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों, वाहनों और रेलवे सिग्नल बॉक्स में आगजनी जैसी राष्ट्रविरोधी साजिश रचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 7 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं, जिनमें अहम साक्ष्य मिलने की संभावना है।
पाकिस्तानी हैंडलर्स से था संपर्क
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेरठ के परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के अगवानपुर निवासी साकिब उर्फ डेविल (25), अरबाब (20) तथा गौतम बुद्ध नगर के छपरौला निवासी विकास गहलावत उर्फ रौनक (27) और लोकेश उर्फ पपला पंडित उर्फ बाबू उर्फ संजू (19) के रूप में हुई है। गिरोह का मुख्य आरोपी साकिब मेरठ में नाई का काम करता है। उसका संपर्क सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स से हुआ था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि एक अन्य व्यक्ति आकिब, जो वर्तमान में दुबई में होने की आशंका है, ने उसका परिचय कराया था। उन्होंने बताया कि साकिब ने दो अप्रैल को लखनऊ में विस्फोट की योजना बनाई थी, लेकिन उससे पहले ही एटीएस ने गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।











