उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने रविवार को लखनऊ (Lucknow) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐतिहासिक और समकालीन संदर्भों को जोड़ते हुए अहम टिप्पणी की। भारतेंदु नाट्य अकादमी (BNA) के स्वर्ण जयंती समारोह में उन्होंने अपने संबोधन में इतिहास के पात्रों को वर्तमान दौर की परिस्थितियों से जोड़कर प्रस्तुत किया।
इतिहास के जरिए वर्तमान पर निशाना
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में मध्यकालीन आक्रांता सालार मसूद की तुलना आज के माफियाओं से की। उन्होंने कहा कि समाज को यह समझने की जरूरत है कि इतिहास में भी ऐसे तत्व रहे हैं, जिनका सामना वीरों ने किया और उन्हें परास्त किया।
महाराजा सुहेलदेव के शौर्य का उल्लेख
सीएम ने Maharaja Suheldev के साहस का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने हजार साल पहले देश की रक्षा के लिए निर्णायक युद्ध लड़ा। उनके अनुसार, सुहेलदेव ने न केवल आक्रमण को रोका बल्कि आक्रांता को ऐसी सजा दी, जिससे भविष्य में किसी ने भारत की ओर आंख उठाने का साहस नहीं किया।
पिछली सरकारों पर तुष्टिकरण का आरोप
बिना किसी का नाम लिए योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब सुहेलदेव जैसे नायकों को भुला दिया गया और आक्रांताओं के नाम पर आयोजन होते रहे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब स्थिति बदल चुकी है और समाज अपने वास्तविक नायकों को पहचान रहा है।
कला और सिनेमा पर बोले सीएम
कार्यक्रम में सीएम ने कला और सिनेमा की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि Ramayan जैसे धारावाहिक की लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि भारतीय समाज अपनी जड़ों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने निर्देश दिया कि वीर-वीरांगनाओं जैसे सुहेलदेव, अवंतीबाई, उदादेवी और बिजली पासी पर लघु नाटक और फिल्में बनाई जाएं ताकि नई पीढ़ी प्रेरित हो सके।
सुहेलदेव स्मारक से बढ़ा गौरव
मुख्यमंत्री ने बताया कि बहराइच में चित्तौरा झील के पास महाराजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक तैयार हो चुका है। इस स्मारक में उनकी ऊंची कांस्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो लोगों को उनके गौरवशाली इतिहास की याद दिलाती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से देश के नायकों को उचित सम्मान मिल रहा है।
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