लखनऊ। राजधानी समेत पूरे प्रदेश में कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों को लेकर व्यापारियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स एंड डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन ने इसे लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
संगठन का कहना है कि सिलेंडर के दाम अचानक 2200 रुपए से बढ़ाकर 3200 रुपए कर दिए गए हैं, जिससे कैटरिंग, होटल और छोटे कारोबारियों पर सीधा असर पड़ा है। खासकर सहालग के सीजन में पहले से तय रेट पर काम कर रहे कैटरर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
व्यापारियों का दावा है कि इसका असर आम जनता पर भी पड़ेगा और महंगाई तेजी से बढ़ेगी। मई माह में शादी-विवाह का सीजन चल रहा है। ऐसे में कैटरिंग का काम पहले से तय दरों पर बुक होता है, लेकिन गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से अब कैटरर्स के सामने लागत निकालना मुश्किल हो गया है। संगठन का कहना है कि अचानक हुई इस बढ़ोतरी से उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ा है। कई जगह घाटे की स्थिति बन रही है।
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ बड़े कारोबार तक सीमित नहीं है। ढाबा संचालक, रेस्टोरेंट मालिक, चाय और नाश्ता बेचने वाले छोटे दुकानदार भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। इन कारोबारों की लागत बढ़ने से आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है। संगठन के मुताबिक, पहले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत करीब 1850 रुपए थी। बाद में इसे बढ़ाकर 2200 रुपए किया गया और अब सीधे 3200 रुपए तक पहुंचा दिया गया है। इतनी बड़ी बढ़ोतरी को व्यापारियों ने अनुचित बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि गैस की कीमत बढ़ने से हर सेक्टर में लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। शादी-विवाह से लेकर रोजमर्रा के खानपान तक, हर जगह खर्च बढ़ेगा और महंगाई में तेजी आएगी।
उत्तर प्रदेश टेंट कैटर्स एंड डेकोरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार ने सरकार से अपील की है कि बढ़े हुए दामों को तत्काल वापस लिया जाए। उनका कहना है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो व्यापारियों में नाराजगी और बढ़ेगी, जिसका असर व्यापक स्तर पर देखने को मिल सकता है।












