सिद्धार्थनगर जिला कारागार में 2 अप्रैल को दिव्यांग बंदियों के लिए एक मानवीय पहल की गई। इस दौरान कारागार में निरुद्ध दिव्यांग बंदियों को उनकी आवश्यकतानुसार सहायक उपकरणों का वितरण किया गया, जिससे उनके दैनिक जीवन को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी संदीप मौर्या के सहयोग से आयोजित किया गया। इसमें दृष्टिबाधित बंदियों को ब्लाइंड केन (सफेद छड़ी) और चलने-फिरने में असमर्थ बंदियों को ट्राईसाइकिल (दिव्यांग साइकिल) प्रदान की गईं। इन उपकरणों से बंदियों को आत्मनिर्भर बनने और उनकी गतिशीलता में सुधार लाने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर कारागार अधीक्षक सचिन वर्मा ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप कारागार में निरुद्ध प्रत्येक बंदी के पुनर्वास, सशक्तिकरण और मानवीय गरिमा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बंदियों के लिए ऐसी पहल उनके आत्मविश्वास को मजबूत करेगी और उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करेगी। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी संदीप मौर्या ने जानकारी दी कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास कर रही है। इसी क्रम में कारागार में यह वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, ताकि वहां निरुद्ध दिव्यांग बंदियों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। कार्यक्रम के दौरान कारागार प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल दिव्यांग बंदियों के जीवन को सरल बनाने में सहायक होगी, बल्कि उनके पुनर्वास और आत्मसम्मान को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
सिद्धार्थनगर जेल में दिव्यांग बंदियों को मिले सहायक उपकरण:दिव्यांगजन सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत वितरण
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