इटवा विकास क्षेत्र में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार गुरुवार को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर अकीदतमंदों ने मस्जिदों, मदरसों और ईदगाहों में नमाज अदा कर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआएं मांगीं। गुरुवार भोर से ही श्रद्धालुओं ने त्योहार की तैयारियां शुरू कर दी थीं। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे नमाज स्थलों पर पहुंचे। यह त्योहार अल्लाह की राह में त्याग और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर मुबारकबाद दी। क्षेत्र के इटवा स्थित जामा मस्जिद, सुन्नी जमा मस्जिद, पिपरा मुर्गिहवा के मदरसा मुहम्दिया, संग्रामपुर, जिगना, झकहिया, सेमरी, मैना, कठेला और भदौखर सहित कई अन्य स्थानों पर नमाज अदा की गई। नमाज के बाद कई नमाज स्थलों पर छोटे मेले भी लगे, जहां बच्चों को खरीदारी करते देखा गया। दारुल तौहीद मैना ईदगाह पर मौलाना इब्राहिम ने ईद-उल-अजहा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह त्योहार केवल एक रस्म नहीं, बल्कि मनुष्य के भीतर के अहंकार और बुराइयों को खत्म करने का संदेश देता है। मौलाना ने सभी से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर मौलाना मोबिन, करीमुल्लाह, अब्दुल सलाम, मो. सलीम, मुस्तफा, रियाज, नूरजाद, मुतीउर्रहमान, सुस्ताती और इरशाद अहमद सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।
इटवा में सौहार्द के साथ मना ईद-उल-अजहा त्योहार:मस्जिदों, मदरसों में पढ़ी नमाज; देश में अमन-चैन की दुआ मांगी
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