बहराइच जिले के शिवपुर ब्लॉक स्थित एकघरा ग्राम पंचायत में स्वच्छता योजना पर सवाल उठे हैं। गांव के कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 4 लाख 25 हजार रुपये की लागत से बनाया गया पृथक कूड़ा केंद्र बदहाल स्थिति में है। यह केंद्र अब अपने मूल उद्देश्य से भटककर उपले (कंडे) बनाने का ठिकाना बन गया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, केंद्र का संचालन निर्माण के बाद से ही सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं हुआ। यहां न तो कूड़े के पृथक्करण की कोई व्यवस्था है और न ही नियमित साफ-सफाई होती है। केंद्र के अंदर फर्श और दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्र पर लगा मुख्य गेट भी गायब है, जिससे इसकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है और जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सही तरीके से निगरानी की जाती, तो यह केंद्र गांव की स्वच्छता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता था। उन्होंने सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। इस मामले पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत राजेंद्र प्रसाद ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि संबंधित जिम्मेदारों को नोटिस जारी कर दी गई है और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। यह मामला फिलहाल प्रशासनिक जांच के दायरे में है। अब देखना होगा कि जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है और क्या यह केंद्र अपने वास्तविक उद्देश्य के अनुरूप फिर से संचालित हो पाएगा।
एकघरा में कूड़ा केंद्र बना उपले बनाने का ठिकाना:4.25 लाख की लागत पर सवाल, अधिकारियों ने जांच शुरू की
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