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कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अमर बलिदानियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

संत कबीर नगर।* कारगिल विजय दिवस’ के ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर पर, संत कबीर नगर जिले में अमर बलिदानियों की पावन स्मृति में एक भव्य एवं भावपूर्ण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह दिन भारतीय सशस्त्र बलों के उस अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है, जब 1999 में हमारे वीर जवानों ने कारगिल की दुर्गम और बर्फीली चोटियों पर तिरंगा फहराकर ‘ऑपरेशन विजय’ को पूर्ण सफलता दिलाई थी।
इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार सिंह ने शिरकत की। कार्यक्रम का संयोजन, संचालन एवं स्वागत संबोधन जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राम प्रकाश मिश्रा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के आगमन, माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, इसके पश्चात् उपस्थित सभी अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले कारगिल युद्ध के 527 अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में जिले के गौरव एवं वीर चक्र विजेता सिपाही सत्यवान सिंह के विजय बहादुर सिंह, सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित, सेवारत हवलदार योगेन्द्र कुमार, अमर शहीदों की वीर नारियां, द्वितीय विश्व युद्ध की विधवाएं एवं लगभग 50 पूर्व सैनिक तथा उनके आश्रितों ने विशेष रूप से प्रतिभाग किया।
मुख्य अतिथि द्वारा सेवारत पदक विजेता हवलदार योगेन्द्र कुमार को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही द्वितीय विश्व युद्ध की विधवाओं, वीर नारियों (शहीदों की पत्नियों) और जिले के वरिष्ठतम पूर्व सैनिकों को भी पूरे सम्मान के साथ सम्मानित किया गया।
“युद्ध केवल सीमा पर नहीं, पूरा देश एक साथ लड़ता है” – कर्नल राम प्रकाश मिश्रा जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राम प्रकाश मिश्रा ने अपने स्वागत संबोधन में युवाओं से जुड़ने पर गहरी प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “एक पूर्व सैनिक एवं सैनिक कल्याण के कार्यों में जमीनी स्तर पर जुड़े होने के नाते मैं गहराई से महसूस करता हूँ कि युद्ध केवल सीमा पर सैनिक नहीं लड़ते, बल्कि पूरा देश एक साथ लड़ता है। 
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) द्वारा वीर नारियों और शहीदों के परिवारों के त्याग को ‘राष्ट्रीय धरोहर’ बताते हुए उन्हें वंदन किया और अपनी बात का समापन राष्ट्र प्रेम की इन ऊर्जावान पंक्तियों से किया। 
“जो भरा नहीं है भावों से, बहती जिसमें रसधार नहीं।
वह हृदय नहीं है पत्थर है, जिसमें स्वदेश का प्यार नहीं॥”
“शहीदों का ऋण यह राष्ट्र कभी नहीं चुका सकता” –
मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) चंद्रेश कुमार ने अपने भावपूर्ण संबोधन में शूरवीरों को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और भावुकता का दिन है। उन्होंने वीर नारियों और शहीद आश्रितों के समक्ष नतमस्तक होते हुए कहा, “आपके पति, पिता या बेटे ने मातृभूमि के लिए जो सर्वोच्च बलिदान दिया है, उसका ऋण यह राष्ट्र कभी नहीं चुका सकता। आपने जिस असीम साहस के साथ अपने जीवन के सबसे बड़े दुःख को देश के गर्व में बदला है, वह हम सभी के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है।”
उन्होंने युद्ध पदक विजेताओं को युवा पीढ़ी का सच्चा आदर्श बताया। साथ ही, जिला प्रशासन की ओर से पूर्ण विश्वास दिलाते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार या किसी भी प्रशासनिक कार्य में प्रशासन पूर्व सैनिकों और वीर नारियों की हर संभव सहायता के लिए सदैव उनके साथ खड़ा है; प्रशासन के द्वार उनके लिए हमेशा खुले हैं।
कार्यक्रम के अंत में, “शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा” पंक्तियों के साथ अमर बलिदानियों को शत-शत नमन किया गया। समारोह का समापन ‘जय हिंद, जय भारत’ के गगनभेदी उद्घोष के साथ हुआ।
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