विकास खंड जमुनहा के ग्राम बांसगड़ी निवासी तेज प्रताप पुत्र रामसूरत द्वारा सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता), श्रावस्ती को एक प्रार्थना पत्र दिया गया था। इस प्रार्थना पत्र के आधार पर “बी-पैक्स जमुनहा भवनियापुर” समिति के सचिव प्रदोष सिंह के विरुद्ध शिकायत की जांच की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सचिव द्वारा किसानों को केवल एक बोरी यूरिया उर्वरक दिया जा रहा है, जबकि पीओएस मशीन से उसी किसान के नाम पर 8 से 10 बोरी अधिक खारिज की जा रही है। साथ ही, किसानों से सचिव द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करने का भी आरोप था। जांच के दौरान शिकायतकर्ता तेज प्रताप को समिति पर बुलाकर साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा गया, परंतु उनके द्वारा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका। अधोहस्ताक्षरी द्वारा समिति के अभिलेखों का गहन परीक्षण किया गया। परीक्षण में पाया गया कि समिति पर उर्वरक वितरण का कार्य कृषकों की फार्मर आईडी के अनुसार पीओएस मशीन से ही किया जा रहा है। वितरण रजिस्टर में जितनी मात्रा में उर्वरक दर्ज है, उतनी ही मात्रा कृषकों को प्राप्त हुई है। मौके पर उपस्थित कृषकों ने भी पुष्टि की कि उन्हें उनकी जोत के अनुसार ही उर्वरक दिया जा रहा है। सचिव द्वारा अभद्र भाषा के प्रयोग के आरोप की पुष्टि जांच में नहीं हो सकी। जांच के समय जमुनहा तहसीलदार विकास राय, एडीओ कोऑपरेटिव जमुनहा और सचिव प्रदोष सिंह उपस्थित थे। तहसीलदार महोदय ने सचिव को निर्देशित किया कि भविष्य में प्रत्येक किसान को नियमानुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, उन्हें चेतावनी दी गई कि भविष्य में इस प्रकार की कोई शिकायत प्राप्त होने पर विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
जमुनहा कोऑपरेटिव सचिव को चेतावनी:किसानों से अभद्रता की शिकायत पर तहसीलदार ने की जांच
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